जिलाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) आपूर्ति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिले में लक्ष्य के मुकाबले कम आपूर्ति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में बताया गया कि जिले की 49 चयनित समितियों के माध्यम से 20,481.890 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। इसके बदले 13,895.50 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति होनी थी, लेकिन अब तक केवल 10,693.766 मीट्रिक टन (76.95%) सीएमआर की ही आपूर्ति हो सकी है। अभी भी 3,201.734 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति लंबित है। समन्वय स्थापित कर जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश राज्य का औसत आपूर्ति प्रतिशत 79.06% है, जबकि ‘अभिराजपुर बैरिया पैक्स’ (56.22%), ‘फुलकाहां पैक्स’ (77.79%), ‘संत प्रेम भिक्षु राईस मिल’ (65.93%) और ‘माता जी एग्रो फुड’ (72.70%) का प्रदर्शन इससे काफी कम पाया गया। प्रखंडवार स्थिति में पिपराही प्रखंड 90.04% आपूर्ति के साथ सबसे आगे है। वहीं, पुरनहिया (67.41%), डुमरी कटसरी (78.89%) और तरियानी (70.81%) का प्रदर्शन धीमा रहा। जिलाधिकारी ने राज्य औसत से कम आपूर्ति वाले प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समितियों के अध्यक्षों और प्रबंधकों से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करें। मिलों को ब्लैकलिस्ट में डाल दिया जाएगा उन्होंने लापरवाही बरतने वाले राईस मिलरों को कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर सीएमआर की आपूर्ति पूरी नहीं की गई, तो उनकी मिलों को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया जाएगा। जिलास्तरीय आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक में सभी आपूर्ति निरीक्षकों को जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं की दुकानों की समय पर जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। शिवहर-सह-पिपराही के आपूर्ति निरीक्षक को सबसे कम जांच निरीक्षण करने पर कड़ी फटकार लगाई गई। बैठक में अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी, शिवहर, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभी आपूर्ति निरीक्षक, सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, शिवहर और निरीक्षक, माप तौल, शिवहर उपस्थित थे। प्रशासन का उद्देश्य किसानों से खरीदे गए अनाज का समय पर उठाव और प्रसंस्करण सुनिश्चित करना है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारू रूप से चलती रहे।
CMR सप्लाई में ढिलाई पर DM सख्त:शिवहर में लापरवाह मिलरों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
जिलाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) आपूर्ति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिले में लक्ष्य के मुकाबले कम आपूर्ति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में बताया गया कि जिले की 49 चयनित समितियों के माध्यम से 20,481.890 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। इसके बदले 13,895.50 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति होनी थी, लेकिन अब तक केवल 10,693.766 मीट्रिक टन (76.95%) सीएमआर की ही आपूर्ति हो सकी है। अभी भी 3,201.734 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति लंबित है। समन्वय स्थापित कर जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश राज्य का औसत आपूर्ति प्रतिशत 79.06% है, जबकि ‘अभिराजपुर बैरिया पैक्स’ (56.22%), ‘फुलकाहां पैक्स’ (77.79%), ‘संत प्रेम भिक्षु राईस मिल’ (65.93%) और ‘माता जी एग्रो फुड’ (72.70%) का प्रदर्शन इससे काफी कम पाया गया। प्रखंडवार स्थिति में पिपराही प्रखंड 90.04% आपूर्ति के साथ सबसे आगे है। वहीं, पुरनहिया (67.41%), डुमरी कटसरी (78.89%) और तरियानी (70.81%) का प्रदर्शन धीमा रहा। जिलाधिकारी ने राज्य औसत से कम आपूर्ति वाले प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समितियों के अध्यक्षों और प्रबंधकों से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करें। मिलों को ब्लैकलिस्ट में डाल दिया जाएगा उन्होंने लापरवाही बरतने वाले राईस मिलरों को कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर सीएमआर की आपूर्ति पूरी नहीं की गई, तो उनकी मिलों को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया जाएगा। जिलास्तरीय आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक में सभी आपूर्ति निरीक्षकों को जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं की दुकानों की समय पर जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। शिवहर-सह-पिपराही के आपूर्ति निरीक्षक को सबसे कम जांच निरीक्षण करने पर कड़ी फटकार लगाई गई। बैठक में अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी, शिवहर, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभी आपूर्ति निरीक्षक, सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, शिवहर और निरीक्षक, माप तौल, शिवहर उपस्थित थे। प्रशासन का उद्देश्य किसानों से खरीदे गए अनाज का समय पर उठाव और प्रसंस्करण सुनिश्चित करना है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारू रूप से चलती रहे।

