चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, संदली गांव निवासी प्रदीप बाखला (पुत्र स्वर्गीय सोहर बाखला) की जबड़ा चेकनाका के पास सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी से बाइक टकराने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। प्रदीप बाइक से अपने घर की ओर जा रहा था, तभी अचानक खड़ी वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने रात 11 बजे से ही चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। बुधवार सुबह तक भी जाम जारी रहा, जिससे करीब 9 घंटे तक इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री बीच रास्ते में फंसे रहे। रात में भी ग्रामीण सड़क पर डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। जाम के कारण दैनिक कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुआवजे और सड़क सुरक्षा की मांग पर अड़े ग्रामीण ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि मृतक के परिजनों को आपदा प्रबंधन के तहत तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, हाईवे पर बेलगाम दौड़ने वाले भारी वाहनों पर नियंत्रण और सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सिमरिया क्षेत्र में यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और परिजनों से वार्ता कर रही है। प्रशासन का कहना है कि संवाद के जरिए जल्द ही जाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
चतरा में सड़क हादसे में युवक की मौत:9 घंटे से चतरा-सिमरिया सड़क पूरी तरह जाम, ग्रामीण कर रहे मुआवजे की मांग
चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, संदली गांव निवासी प्रदीप बाखला (पुत्र स्वर्गीय सोहर बाखला) की जबड़ा चेकनाका के पास सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी से बाइक टकराने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। प्रदीप बाइक से अपने घर की ओर जा रहा था, तभी अचानक खड़ी वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने रात 11 बजे से ही चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। बुधवार सुबह तक भी जाम जारी रहा, जिससे करीब 9 घंटे तक इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री बीच रास्ते में फंसे रहे। रात में भी ग्रामीण सड़क पर डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। जाम के कारण दैनिक कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुआवजे और सड़क सुरक्षा की मांग पर अड़े ग्रामीण ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि मृतक के परिजनों को आपदा प्रबंधन के तहत तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, हाईवे पर बेलगाम दौड़ने वाले भारी वाहनों पर नियंत्रण और सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सिमरिया क्षेत्र में यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और परिजनों से वार्ता कर रही है। प्रशासन का कहना है कि संवाद के जरिए जल्द ही जाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

