शेखपुरा में किसानों को समय पर और सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में हुई इस बैठक में उर्वरक निगरानी समिति की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई और कई कड़े निर्देश जारी किए गए। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक किसान को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही उर्वरक मिलना चाहिए। पिछले चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड मांगा उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य से अधिक पर उर्वरक न बेचने की सख्त हिदायत दी और स्थिति पर नजर रखने के लिए नियमित मासिक बैठकें आयोजित करने का भी निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उर्वरक निगरानी समिति के समन्वयक विनय कुमार से पिछले चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड मांगा। संतोषजनक जवाब न देने और कार्य में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से उर्वरक निगरानी समिति से हटाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, पिछली समिति से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज अगले दो दिनों के भीतर कार्यालय में जमा करने को कहा गया है। वर्तमान स्थिति का ब्योरा प्रस्तुत किया बैठक में जिले में उर्वरक की वर्तमान स्थिति का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। वर्तमान में जिले में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी का कुल 6123.164 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। जिले में कुल 249 अधिकृत होलसेलर दुकानें संचालित हैं। विभागीय कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि हाल ही में जिले की 60 उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान चार दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि दो दुकानों की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) स्थायी रूप से रद्द कर दी गई है। एक दुकान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उर्वरक दुकानों की सघन जांच करने के निर्देश DM ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की सभी उर्वरक दुकानों की सघन जांच करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी दुकान में अनियमितता पाई जाती है या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शेखपुरा में DM ने को-ऑर्डिनेटर को हटाया:फर्टिलाइजर ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती, निगरानी समिति की मीटिंग में निर्देश
शेखपुरा में किसानों को समय पर और सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में हुई इस बैठक में उर्वरक निगरानी समिति की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई और कई कड़े निर्देश जारी किए गए। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक किसान को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही उर्वरक मिलना चाहिए। पिछले चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड मांगा उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य से अधिक पर उर्वरक न बेचने की सख्त हिदायत दी और स्थिति पर नजर रखने के लिए नियमित मासिक बैठकें आयोजित करने का भी निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उर्वरक निगरानी समिति के समन्वयक विनय कुमार से पिछले चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड मांगा। संतोषजनक जवाब न देने और कार्य में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से उर्वरक निगरानी समिति से हटाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, पिछली समिति से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज अगले दो दिनों के भीतर कार्यालय में जमा करने को कहा गया है। वर्तमान स्थिति का ब्योरा प्रस्तुत किया बैठक में जिले में उर्वरक की वर्तमान स्थिति का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। वर्तमान में जिले में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी का कुल 6123.164 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। जिले में कुल 249 अधिकृत होलसेलर दुकानें संचालित हैं। विभागीय कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि हाल ही में जिले की 60 उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान चार दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि दो दुकानों की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) स्थायी रूप से रद्द कर दी गई है। एक दुकान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उर्वरक दुकानों की सघन जांच करने के निर्देश DM ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की सभी उर्वरक दुकानों की सघन जांच करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी दुकान में अनियमितता पाई जाती है या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

