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Bhojpur Encounter FIR | 10-12 Rounds Fired, 2 KhoKha Found

‘काफी समझाने और कहने के बाद भरत भूषण तिवारी सरेंडर के लिए तैयार हुआ और अपने सामने कुछ दूर आगे अपना पिस्टल फेंक दिया। जैसे ही पुलिस का एक जवान भरत भूषण तिवारी के फेंके गए पिस्टल को जब्त करने के लिए आगे बढ़ा, तभी भरत ने तेजी से दौड़कर अपना पिस्टल उठा ल

.

‘मुठभेड़ के दौरान पूरे घटनाक्रम में भरत भूषण तिवारी की ओर से अपने हाथ में लिए पिस्टल से 10 से 12 राउंड फायरिंग की गई। FSL की टीम की ओर से घटनास्थल पर पहुंचकर घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया गया। घटनास्थल से 7.65 बोर का 2 खोखा बरामद किया गया।’

ये दोनों बातें भोजपुर एनकाउंटर में पुलिस की ओर से दर्ज तीन FIR में से पहली में कही गई है।

सवाल नंबर: 1- भरत तिवारी की ओर से फेंकी गई पिस्टल पुलिस के ज्यादा करीब थी, ऐसे में पुलिसकर्मियों से पहले लपककर पिस्टल उठाना संदेहास्पद लगता है, पुलिस के पास इसका वीडियो भी नहीं है।

सवाल नंबर: 2- पुलिस की FIR में भरत की ओर से 10-12 राउंड फायरिंग की बात कही गई है, ऐसे में घटनास्थल से सिर्फ 2 खोखा बरामद होना भी संदेह पैदा करता है।

भोजपुर की शाहपुर थाना के SHO राजेश मालाकार की ओर से दर्ज की गई FIR में क्या-क्या लिखा गया है? दूसरी और तीसरी FIR में क्या है? एनकाउंटर मामले को लेकर सोमवार को ADG (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने क्या-क्या बताया? भरत तिवारी की मां की ओर से मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ दिए गए आवेदन में क्या-क्या लिखा गया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

फेसबुक लाइव के दौरान भरत तिवारी पुलिस के सामने हथियार फेंक देता है, जो पुलिसकर्मियों के नजदीक गिरती है। इसके बाद भरत तिवारी फेसबुक लाइव बंद कर देता है।- तस्वीर एनकाउंटर वाले दिन की है।

फेसबुक लाइव के दौरान भरत तिवारी पुलिस के सामने हथियार फेंक देता है, जो पुलिसकर्मियों के नजदीक गिरती है। इसके बाद भरत तिवारी फेसबुक लाइव बंद कर देता है।- तस्वीर एनकाउंटर वाले दिन की है।

बाढ़ प्रभावितों को जहां रखा गया है, वहां पुलिस पर फायरिंग करता भरत भूषण तिवारी। पुलिस का दावा है कि गोली पुलिस की गाड़ी के बोनट पर लगी थी।- तस्वीर एनकाउंटर वाले दिन की है।

बाढ़ प्रभावितों को जहां रखा गया है, वहां पुलिस पर फायरिंग करता भरत भूषण तिवारी। पुलिस का दावा है कि गोली पुलिस की गाड़ी के बोनट पर लगी थी।- तस्वीर एनकाउंटर वाले दिन की है।

सबसे पहले पढ़िए, सोमवार को ADG लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने क्या कहा?

ADG (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने कहा कि भरत तिवारी का जो मुठभेड़ हुआ है, उसमें कांड दर्ज हुए हैं और उसके अनुसंधान के लिए डीआईजी शाहाबाद डॉ. सत्य प्रकाश को पुलिस मुख्यालय के स्तर से प्राधिकृत किया गया है। वे सभी एफएसएल और अन्य जो सुविधाएं हैं, उसका इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान कराएंगे।

इस मामले में हाइकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य है कि इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच हो हो।

ADG ने कहा कि इस मामले में दो FIR दर्ज की गई है। गोली चलाने का निर्देश किसने दिया, इन सारी बातों का जिक्र एफआईआर में है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही इस परिपेक्ष्य में सामने आई है कि जब पहली बार यानी 16 जून को पुलिस पदाधिकारी भरत तिवारी के घर गए, उसे पुलिस पदाधिकारियों ने ठीक से हैंडल नहीं किया, टाइमली उसे काबू में नहीं ला सका और उसका वीडियो वगैरह वायरल हुआ।

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते ADG (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार।

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते ADG (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार।

सुधांशु कुमार ने कहा कि लापरवाही के आरोप में एक SHO, दो सब इंस्पेक्टर, एक SI और एक कॉन्स्टेबल जो थाना से गए थे, उनको सस्पेंड किया गया है। उन्होंने कहा कि मामला चूंकि न्यायिक जांच में है, इसलिए पुलिस के स्तर से इस मामले में कोई भी बयान देना उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि एनकाउंटर कभी भी उपलब्धि नहीं मानी जा सकती, लेकिन ऐट दी सेम टाइम ये भी कहना उचित होगा कि जहां भी हमारी अपनी जान को खतरा होगा, वहां सेल्फ डिफेन्स में पुलिस आत्मरक्षा के लिए गोली चलाती है। इस क्रम में अगर गोली सामने खड़े अभियुक्त को लगती है, तो कानून के तहत एक्शन है, उसमें पुलिस को आत्मरक्षा के लिए गोली चलाने का आधिकार है।

अब जानिए, भरत तिवारी एनकाउंटर में दर्ज 3 FIR कब दर्ज की गई, दर्ज FIR में क्या लिखा गया है?

पहली FIR (17 जून)

पहली FIR में भरत भूषण तिवारी, पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को आरोपी बनाया गया है। ये एफआईआर तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार ने दर्ज की। अनुसंधानकर्ता ASI बबीता देवी को बनाया गया।

सनहा संख्या 759/26 के आलोक में पुलिस टीम सुबह 4:40 बजे भरत तिवारी की गिरफ्तारी के लिए बिलौटी गांव स्थित उसके घर पहुंची।

सुबह 5:10 बजे जब दरवाजा खुलवाया गया, तो भरत पुलिस को देखते ही उग्र हो गया और पिस्टल तान दी। पुलिस ने दरवाजा बंद किया, जिसके बाद भरत छत पर चढ़ गया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पोजीशन लेकर खुद को बचाया।

पुलिस की ओर से पूछने पर भी पिता और भाई ने भरत के पास हथियार होने की बात छिपाई। इसके बाद पुलिस टीम घेराबंदी मजबूत कर थाना लौट आई।

16 जून को पुलिस जब भरत भूषण तिवारी को समझाने पहुंची तो उसने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तान दी।

16 जून को पुलिस जब भरत भूषण तिवारी को समझाने पहुंची तो उसने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तान दी।

मां आशा देवी की ओर से समझाने के बाद भरत बिस्तर पर बैठकर शाहपुर थाने के SHO से बात करता रहा। इस दौरान उसके हाथ में अवैध पिस्टल थी।- तस्वीर 16 जून की है।

मां आशा देवी की ओर से समझाने के बाद भरत बिस्तर पर बैठकर शाहपुर थाने के SHO से बात करता रहा। इस दौरान उसके हाथ में अवैध पिस्टल थी।- तस्वीर 16 जून की है।

दूसरी FIR (17 जून- दोपहर 12:20 बजे)

तत्कालीन थाना अध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर FIR दर्ज की गई है। इसमें भरत भूषण तिवारी (मुठभेड़ में घायल, बाद में पीएमसीएच में मौत) को आरोपी बनाया गया है। अनुसंधानकर्ता (IO) इंस्पेक्टर संतोष कुमार को बनाया गया है।

FIR के अनुसार, दोपहर में पुलिस और STF दोबारा छापेमारी के लिए बिलौटी गांव पहुंची। भरत हथियार लहराते हुए बधार (खेतों) की तरफ भागा। छेर नदी के पास कच्ची सड़क पर पुलिस ने उसे सरेंडर करने को कहा, तो उसने सीधे पुलिस की सरकारी गाड़ी के बोनेट पर गोली दाग दी।

जवाबी कार्रवाई में थानाध्यक्ष राजेश मालाकार ने 1 राउंड फायरिंग की। इसके बाद भरत ने सरेंडर का नाटक कर दोबारा पुलिस पर दो राउंड फायर किए।

आत्मरक्षा में एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार ने अपनी सरकारी पिस्टल से कमर के नीचे 4 राउंड फायरिंग की, जिससे गोली भरत के पैरों में लगी। अस्पताल भेजने के बाद FSL की टीम ने मौके से 7.65 बोर की एक लोडेड पिस्टल, 2 जिंदा कारतूस और 2 खोखे बरामद किए। पुलिस के अनुसार भरत ने 10-12 राउंड और पुलिस ने कुल 5 राउंड फायरिंग की।

17 जून को एनकाउंटर से ठीक पहले पुलिस के सामने खड़ा भरत तिवारी।

17 जून को एनकाउंटर से ठीक पहले पुलिस के सामने खड़ा भरत तिवारी।

तीसरी FIR (18 जून- सुबह 08:40 बजे)

भरत तिवारी की लाश रखकर हाइवे जाम और पथराव मामले में सब इंस्पेक्टर सच्चिदानंद यादव की ओर से FIR दर्ज की गई। इसमें सरोज त्रिपाठी, मुखिया बलिराम यादव, राकेश यादव, अंजनी तिवारी समेत 13 नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोग को आरोपी बनाया गया है।

अनुसंधानकर्ता ASI बबीता देवी (आदेशकर्ता: एसआई मो० अलीमुद्दीन खान) हैं। इस FIR के अनुसार 17 जून की रात PMCH पटना में इलाज के दौरान भरत की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।

18 जून की सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने बिलौटी मोड़ के पास नेशनल हाइवे-922 (फोरलेन) पर शव को टेंट के नीचे रखकर दोनों रूट जाम कर दिए।

जब सब-इंस्पेक्टर सच्चिदानंद यादव पुलिस बल के साथ समझाने पहुंचे, तो भीड़ ने धक्का-मुक्की, गाली-गलौज करते हुए पुलिस पर पथराव कर उन्हें खदेड़ दिया। करीब 5 घंटे तक हाईवे जाम रहा। बाद में वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप और मशक्कत के बाद जाम हटाया जा सका। इस पूरी घटना की वीडियोग्राफी भी की गई है।

16 जून को जब पुलिस जाने लगी, तब भी भरत ने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानकर धमकी दी।

16 जून को जब पुलिस जाने लगी, तब भी भरत ने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानकर धमकी दी।

भरत तिवारी ने 17 जून की सुबह घर की छत से पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग की थी।

भरत तिवारी ने 17 जून की सुबह घर की छत से पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग की थी।

अब जानिए, भरत तिवारी की मां आशा देवी की ओर से दिए गए आवेदन में क्या-क्या लिखा है?

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उसकी मां आशा देवी की ओर से 18 जून को भोजपुर के SP राज को मुठभेड़ में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया है। हालांकि, आशा देवी की ओर से दिया गया आवेदन फिलहाल विचाराधीन है।

एसपी राज को दिए गए आवेदन में आशा देवी ने लिखा है कि 17 जून को सुबह 8 बजे शाहपुर थाना अध्यक्ष के साथ अन्य पुलिसकर्मी, जगदीशपुर SDPO के नेतृत्व में एक टीम मेरे घर आई। टीम ने भरत तिवारी से कहा कि जहां जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापित रह रहे हैं, वहां हम लोगों के साथ चलो और बताओ कि वहां उन लोगों की क्या समस्या है, उनकी क्या मांग है।

भरत तिवारी की मां आशा देवी के साथ भोजपुरी सिंगर खेसारी लाल यादव। खेसारी लाल यादव ने सोमवार को आशा देवी से मुलाकात की।

भरत तिवारी की मां आशा देवी के साथ भोजपुरी सिंगर खेसारी लाल यादव। खेसारी लाल यादव ने सोमवार को आशा देवी से मुलाकात की।

आवेदन में आशा देवी ने कहा कि जवइनियां गांव के बाढ़ प्रभावितों के पास पहुंचने पर फेसबुक पर लाइव हुआ और अपनी मांगों को बताने के बाद हथियार जमीन पर फेंककर खुद को सरेंडर कर दिया।

इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मेरे बेटे को घेर लिया। फिर जगदीशपुर के एसडीपीओ के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने भरत को लगातार 5 गोली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद भरत को लेकर चले गए।

आशा देवी ने कहा कि घटना के बाद मेरे पति और भरत के पिता काशीनाथ तिवारी को दिनभर शाहपुर थाना में बंद रखा गया। शाम को हम लोगों को सूचना दी गई कि आपके बेटे की मौत हो गई है।

एसपी से आशा देवी ने अपने आवेदन में मांग की कि एनकाउंटर में शामिल जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के एसएचओ और अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि मेरे बेटे को न्याय मिल सके।

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