हैहैदराबाद के गाचीबोवली स्टेडियम में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय बालक रग्बी चैंपियनशिप में बिहार ने अपनी धाक जमाते हुए खिताब पर कब्जा कर लिया है। शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में बिहार की टीम ने महाराष्ट्र को 37-05 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त
.
क्वार्टर फाइनल में केरल को 42-00 के एकतरफा मुकाबले में हराने के बाद, सेमीफाइनल में बिहार ने उड़ीसा को 12-07 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट पक्का किया था। फाइनल में महाराष्ट्र के खिलाफ खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की। 6 जुलाई से 11 जुलाई तक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
बजरंगी का संघर्ष और कमाल
इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे नालंदा के बजरंगी कुमार। बजरंगी ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन आक्रामक खेल दिखाया और निर्णायक मुकाबलों में महत्वपूर्ण ‘ट्राई’ (गोल) कर टीम को जीत दिलाई। बजरंगी की यह उपलब्धि बेहद प्रेरणादायक है। नालंदा मोड़ निवासी बजरंगी के पिता इस दुनिया में नहीं हैं। परिवार ने बेहद कठिन दौर देखा है। उनकी माता सोना देवी और बड़े भाई आज भी नालंदा मोड़ पर चाऊमीन, रोल और चाय का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक तंगहाली को पीछे छोड़ते हुए बजरंगी ने अपने खेल के प्रति समर्पण और कठिन परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है।

फाइनल कप के साथ बिहार के खिलाड़ी
कोच सौरभ की रणनीति का मिला फल
बिहार टीम की इस सफलता के पीछे टीम के मुख्य कोच सौरभ कुमार की कुशल रणनीति का बड़ा हाथ रहा। नालंदा जिला खेल कार्यालय में कार्यरत सौरभ कुमार ने टीम को तकनीकी रूप से तैयार किया, जिसका परिणाम स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया।
दिग्गजों ने दी बधाई
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर ग्रामीण विकास मंत्री सह संरक्षक (रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार) श्रवण कुमार, अध्यक्ष संजय प्रकाश मयूख, सचिव पंकज ज्योति और जिला खेल पदाधिकारी आलोक चंद चौधरी सहित खेल जगत के अनेक हस्तियों ने बजरंगी कुमार और कोच सौरभ कुमार को बधाई दी है। नालंदा रग्बी एसोसिएशन के महासचिव रेंशी राकेश राज ने कहा कि बजरंगी की यह सफलता राज्य के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
