रांची3 घंटे पहले
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एजुकेशन रिपोर्टर|रांची/सिसई आखिरकार सोमवार को ज्ञान के मंदिर में लगा ताला खुल गया। 4 साल से तैयार होकर भी बंद पड़े रांची यूनिवर्सिटी के बीएनजे कॉलेज के नए शैक्षणिक भवन का हैंडओवर करने की औपचारिकता सोमवार को पूरी कर ली गई। कॉलेज का यह अत्याधुनिक भवन वर्ष 2022 में ही 14. 79 लाख रुपए की लागत से बनकर तैयार हो गया था।
लेकिन कॉलेज की भूमि के दानदाता परिवार की ओर से नौकरी की मांग को लेकर लगाए गए ताले और चारदीवारी निर्माण नहीं होने के कारण नए भवन में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी थी। नतीजा यह रहा कि कॉलेज के करीब 9000 छात्र-छात्राएं वर्षों तक जर्जर और असुरक्षित भवन में पढ़ाई करने को मजबूर रहे।
रांची विश्वविद्यालय की वीसी प्रो. सरोज कुमार शर्मा के निर्देश पर विवि अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल रंग लाई और नए भवन में पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया। क्या था विवाद कॉलेज के लिए जमीन दान करने वाले परिवार ने कॉलेज में नौकरी की मांग की थी। नौकरी नहीं देने पर विवाद हो गया था और कॉलेज में ताला लगा दिया गया था।
जर्जर भवन में अब तक हो रही थी पढ़ाई, हादसे का डर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अमिताभ भारती बताते हैं कि पुराने जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। पुराने भवन की स्थिति बेहद खराब थी और प्लास्टर झड़ने की घटनाएं आम थी। कभी भी हादसा हो सकता था। मौके पर मुख्य रूप से जिप सदस्य विजय लक्ष्मी कुमारी, मुखिया शोभा देवी, रेखा देवी, डॉ आदित्य विक्रम देव, प्रो. साहू प्रकाश लाल, डॉ. निसार अहमद, डॉ परांगत खलखो, सुरेश साहू, सच्चिदानंद उरांव, संजय वर्मा, रोहित शर्मा, मुकेश डेविड, पंकज साहू, सत्येंद्र साहू, सुखलाल राय समेत अन्य मौजूद थे।
बीएनजे कॉलेज का नया भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। भवन में 18 क्लासरूम, ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम सहित उच्च शिक्षा की जरूरतों के अनुरूप कई सुविधाएं विकसित की गई हैं। 4 साल तक बंद रहने के कारण नए भवन की स्थिति खराब होने लगी, जिसे ठीक करने के लिए संबंधित संवेदक को कहा गया है। अब कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।


