पटना से आशुतोष दीक्षित की रिपोर्ट
गया जी और बोधगया के सुनियोजित विकास के लिए तैयार एकीकृत मास्टर प्लान-2047 में सड़क, पर्यटन, यातायात, नदी तट, पार्किंग, पैदल यात्री सुविधाओं और आवासीय-सामुदायिक विकास को एक साथ जोड़ने का खाका तैयार किया गया है. मास्टर प्लान की सबसे बड़ी विशेषता गया जी और बोधगया के लिए करीब 556.06 किलोमीटर का प्रस्तावित सड़क नेटवर्क है. इसके अलावा, बोधगया में महाबोधि मंदिर क्षेत्र को यातायात दबाव से मुक्त करने के लिए करीब 500 मीटर का महाबोधि कॉरिडोर भी प्रस्तावित किया गया है.
मुख्य बातें
- 556 किमी का नया सड़क नेटवर्क, महाबोधि कॉरिडोर से रिवरफ्रंट तक का मास्टर प्लान
- गया जी-बोधगया को एकीकृत पर्यटन व मोबिलिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव
- 2047 तक धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन की वैश्विक पहचान को मजबूत करने का खाका तैयार
सड़कों के चौड़ीकरण का भी प्रावधान
इस प्रोजेक्ट में गया जी क्षेत्र में करीब 435.07 किमी और बोधगया में 120.99 किमी सड़क नेटवर्क प्रस्तावित किया गया है. नई सड़कों के साथ मौजूदा सड़कों के चौड़ीकरण का भी प्रावधान है. अलग-अलग मार्गों को 12, 18, 24, 30, 60 और 90 मीटर चौड़ाई के हिसाब से विकसित किया जाएगा. योजना में रेडियल, रिंग और आउटर रिंग रोड नेटवर्क के साथ गया जी-बोधगया को बेहतर ढंग से जोड़ने पर जोर दिया गया है. मास्टर प्लान में गया जी और बोधगया को केवल दो अलग-अलग शहरों के रूप में विकसित करने के बजाय एक एकीकृत पर्यटन एवं मोबिलिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की सोच है.

नियंत्रित वाहनों की होगी आवाजाही
वहीं, महाबोधि कॉरिडोर के जरिए नियंत्रित वाहनों की आवाजाही, पैदल पथ, साइनज, लैंडस्केपिंग और पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की योजना है. गौरी रोड पर मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव है. गौरी रोड से होटल एंबेसी की ओर करीब 600 मीटर क्षेत्र में ई-रिक्शा जैसे इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा विकसित करने और इसके आगे महाबोधि मंदिर परिसर की ओर पैदल व गैर-मोटर चालित क्षेत्र बनाने की योजना तैयार की गई है.
पर्यटकों के लिए क्या क्या बनेगा
- होटल,
- धर्मशाला,
- वेलनेस
- मेडिटेशन सेंटर,
- सूचना केंद्र,
- पार्किंग हब,
- स्मारिका बाजार,
- फूड स्ट्रीट
किन किन चीजों को किया जायेगा प्रमोट
- होम-स्टे,
- गांव पर्यटन,
- हस्तशिल्प,
- एग्रो-टूरिज्म,
- इको-टूरिज्म,
- साइकिलिंग,
- वॉकिंग ट्रेल
फल्गु नदी बनेगी पर्यटन का नया केंद्र
मास्टर प्लान में फल्गु नदी के किनारे रिवरफ्रंट विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना है. घाटों के साथ प्रोमेनेड, सांस्कृतिक प्लाजा, खुले स्थान, हरियाली और रात्रिकालीन रोशनी की व्यवस्था प्रस्तावित है. नदी में नौकायन, सांस्कृतिक क्रूज और इको-टूरिज्म जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है. इससे धार्मिक पर्यटन के साथ मनोरंजन और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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एक सर्किट में जुड़ेंगे प्रमुख धार्मिक स्थल
योजना का उद्देश्य गया जी और बोधगया के अलग-अलग धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को एकीकृत पर्यटन सर्किट में जोड़ना है. विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, फल्गु नदी के घाट, डुंगेश्वरी पहाड़ियां, ब्रह्मयोनि, प्रेतशिला, रामशिला, मंगलागौरी मंदिर और सुजाता स्तूप को बेहतर सड़क और पर्यटन संपर्क से जोड़ने की परिकल्पना तैयार की गई है. इसके साथ आसपास के पर्यटन गांवों को भी पर्यटन कॉरिडोर से जोड़ने का प्रस्ताव है.
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