देव कार्तिक छठ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने संयुक्त रूप से देव मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस द
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निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी ने देव सूर्यकुंड और रुद्रकुंड छठ घाट, देव सूर्य मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र के विभिन्न आवासन स्थलों, पेयजल आपूर्ति, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात और पार्किंग स्थलों की स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही संभावित ड्रॉप गेट, बैरिकेडिंग और मेला क्षेत्र के विभिन्न मार्गों का भी निरीक्षण किया गया।
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया गया। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के दौरान देव पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

सुरक्षा और विधि व्यवस्था को लेकर आवश्यक इंतजाम किए जाने का निर्देश
आवासन, पेयजल और चिकित्सा सुविधा पर रहेगा विशेष ध्यान
देव कार्तिक छठ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवासन स्थलों पर आवश्यक इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि सभी आवासन स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, पर्याप्त प्रकाश और अस्थायी शौचालय सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। घाटों और मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन के लिए भी समय रहते व्यवस्था पूरी की जाए।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र में वाहनों का परिचालन सुचारू रखने के लिए उपयुक्त स्थानों पर ड्रॉप गेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए। पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी नहीं हो।
इसके अलावा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सीय सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेला अवधि में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और सेवाएं तैयार रखें। उन्होंने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने और तैयारियों की नियमित समीक्षा करने को कहा।

पूजा पंडाल का भी डीएम एसपी ने किया निरीक्षण
पूजा पंडाल और रानी तालाब विसर्जन स्थल का निरीक्षण
छठ मेला क्षेत्र के निरीक्षण के बाद जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने देव स्थित पूजा पंडाल का भी संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान पंडाल और उसके आसपास साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया गया।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को पूजा पंडाल के आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। पूजा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या अप्रिय घटना की आशंका को कम करने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध मजबूत रखे जाएं।
इसके बाद अधिकारियों ने रानी तालाब स्थित प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया। यहां विसर्जन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि विसर्जन स्थल पर पानी की गहराई का समुचित आकलन और मापी कराई जाए। जल की स्थिति के अनुसार आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने और घाट पर निगरानी की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने पूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा।
डीएम-एसपी ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी, श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि देव कार्तिक छठ मेला सहित पूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान संबंधित विभाग पूरी तत्परता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन, आवागमन और आवासन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि देव कार्तिक छठ मेला बिहार के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां आस्था और श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
