बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गया के एक होटल ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने शुक्रवार को गया और बोधगया में रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। कंपनी
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ईडी की यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। टीम ने एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जाने की बात सामने आई है।

गया और बोधगया में रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
सीबीआई की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर जांच
यह मामला सीबीआई की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने दर्ज किया है। जांच में कथित अपराध से जुड़ी राशि करीब 131.79 करोड़ रुपए बताई गई है। अब ईडी इस पूरे मामले में पैसे के लेन-देन और उससे जुड़ी संपत्तियों की पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से करीब 85 करोड़ रुपए का लोन मिला था। आरोप है कि इसमें से करीब 58 करोड़ रुपए की राशि को तय उद्देश्य से हटाकर दूसरी जगह इस्तेमाल किया गया।

कंपनी के निदेशक अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत व नितेश से जुड़े तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई।
फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के सहारे लोन लेने का आरोप
ईडी के मुताबिक कंपनी ने लोन हासिल करने के लिए प्रोजेक्ट से संबंधित कंप्लीशन रिपोर्ट का इस्तेमाल किया था। जांच एजेंसी को आशंका है कि यह रिपोर्ट कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार कराई गई थी। इसके आधार पर बैंक से लोन हासिल किया गया।
मामले की जांच में अब ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि लोन की राशि कहां-कहां भेजी गई। किन खातों में पैसा गया और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।

कंपनी के निदेशक अखौरी गोपाल के आवास पर छापेमारी के दौरान मौजूद सुरक्षाकर्मी।
गिरवी संपत्तियां बेचने पर भी सवाल
जांच एजेंसी के अनुसार होटल ग्रुप से जुड़ी कुछ संपत्तियां एक वाहन कंपनी के पास गिरवी रखी गई थीं। आरोप है कि गिरवी होने के बावजूद इनमें से पांच संपत्तियों को बाद में बेच दिया गया। ईडी को इन संपत्तियों की बिक्री में भी गड़बड़ी का शक है। एजेंसी के मुताबिक इन्हें कथित तौर पर काफी कम कीमत पर बेचा गया। जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि कुछ खरीदार वास्तविक खरीदार नहीं होकर केवल नाम के हो सकते हैं।
ईडी को शक है कि इन खरीदारों का संबंध अखौरी गोपाल से हो सकता है और वे कथित तौर पर बेनामी या प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल किए गए हों। फिलहाल ईडी की कार्रवाई के बाद होटल ग्रुप से जुड़े बैंक लेन-देन, संपत्तियों और खरीद-बिक्री के दस्तावेज जांच के दायरे में आ गए हैं। वहीं बोधगया के अमरबीघा में भी ईडी की रेड चल रही है।सूत्रों का कहना है कि मथिलेश राय के घर पर रेड चल रही है। रेड सुबह चल रही है।
