विश्वविख्यात गयाजी का विष्णुपद मन्दिर
विश्व प्रसिद्ध गयाजी पितृपक्ष मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कई नई व्यवस्थाएं की हैं।
.
डीएम शशांक शुभंकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस बार मेले को व्यवस्थित, स्वच्छ और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
बच्चों को पहनाया जाएगा QR कोड वाला बैंड
भीड़ में बच्चों के बिछड़ने की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने QR कोड वाला सुरक्षा बैंड तैयार कराया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले बच्चों को यह बैंड पहनाया जाएगा।
QR कोड में बच्चे के माता-पिता का विवरण और संपर्क नंबर दर्ज रहेगा। बच्चा भीड़ में बिछड़ने पर पुलिसकर्मी, वॉलिंटियर या कोई अन्य व्यक्ति मोबाइल से QR कोड स्कैन कर परिजनों से संपर्क कर सकेगा।

गया डीएम शशांक शुभंकर
बच्चों ने तैयार किया मेले का लोगो
गयाजी शहर को नया रूप देने के लिए स्थानीय बच्चों की प्रतिभा का भी इस्तेमाल किया गया है। बच्चों के बीच प्रतियोगिता कराकर पितृपक्ष मेले का आधिकारिक लोगो चुना गया है। मुख्य लोगो के अलावा चयनित किए गए 9 अन्य लोगो का भी प्रचार-प्रसार में इस्तेमाल किया जाएगा।
‘पेंट द सिटी’ अभियान के तहत बच्चों के 27 समूहों का चयन किया गया है। ये बच्चे शहर की दीवारों, घाटों और चौक-चौराहों पर पितृपक्ष और गयाजी के माहात्म्य से जुड़ी पौराणिक कहानियों की पेंटिंग बना रहे हैं।
70 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था
डीएम ने बताया कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन करीब 70 हजार लोगों की आवासन क्षमता तैयार कर रहा है। इसके तहत गांधी मैदान में 2,500 बेड की टेंट सिटी बनाई जा रही है।
श्रद्धालुओं को शुद्ध और सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदी की रसोई की व्यवस्था भी रहेगी। यहां 25 रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन मिलेगा।
5 जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया नगर क्षेत्र
सफाई व्यवस्था के लिए पूरे नगर क्षेत्र को 5 जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया है। मेले के दौरान 364 स्थायी शौचालय और 579 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम की व्यवस्था होगी।
सड़क और पथ मरम्मत का काम भी चल रहा है। नगर निगम की ओर से 53 पथों और पथ निर्माण विभाग की ओर से 35 मुख्य सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है।

पानी और स्वास्थ्य की भी व्यवस्था
मेला क्षेत्र में 280 चापाकल, 54 प्याऊ, 890 नल, 22 वॉटर टैंकर और 2 वॉटर एटीएम तैनात रहेंगे।
स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 73 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इनमें 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल स्टाफ और 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे।
50 रिंग बस और 150 ई-रिक्शा निशुल्क
श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 50 रिंग बस और 150 ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह निशुल्क रहेगा। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को स्काउट-गाइड, NSS और NCC के वॉलिंटियर व्हीलचेयर की मदद से पिंडवेदी तक पहुंचाएंगे।
डाक विभाग की ओर से विशेष पितृपक्ष कवर लिफाफा जारी किया जाएगा। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में डाककर्मी माइक्रो-एटीएम लेकर मौजूद रहेंगे, जिससे श्रद्धालु जरूरत के अनुसार नकद निकासी कर सकेंगे।

गया फल्गु नदी स्थित रबर डैम
घाटों पर SDRF, 24 घंटे कंट्रोल रूम
सुरक्षा के लिए SDRF की टीम सभी तालाबों और घाटों पर तैनात रहेगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की मदद के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम भी काम करेगा।
