Grand Mangal Juloos Held; DC-SP Present

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हजारीबाग में रामनवमी महापर्व की शुरुआत पारंपरिक मंगला जुलूस के साथ हो गई है। मंगलवार देर शाम शहर में भव्य मंगला जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों रामभक्तों ने उत्साह के साथ भाग लिया। शहर के विभिन्न मोहल्लों और अखाड़ों से श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में

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पहला मंगला जुलूस के साथ हजारीबाग में रामनवमी शुरू

पहला मंगला जुलूस के साथ हजारीबाग में रामनवमी शुरू

जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। यह मंगला जुलूस होली के बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार को निकाला जाता है और रामनवमी तक हर मंगलवार को इसी तरह के जुलूस निकलते हैं।

जिला प्रशासन रहा अलर्ट, DC-SP ने संभाला मोर्चा

रामनवमी के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जुलूस के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने खुद शहर में निकलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरे पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है।

भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।

भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।

महासमिति अध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी हुए शामिल

इस अवसर पर हजारीबाग रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों ने भी मंगला जुलूस में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने रामभक्तों के बीच पहुंचकर लोगों का अभिवादन किया और इस वर्ष की रामनवमी को भव्य व ऐतिहासिक बनाने की अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया। शहर के कई अखाड़ों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी जुलूस में विशेष झांकियां और पारंपरिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई।

100 साल से अधिक पुरानी परंपरा

हजारीबाग की रामनवमी का इतिहास सौ साल से भी अधिक पुराना है और यह पर्व अपनी विशेष परंपरा व भव्यता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इसी वजह से इसे ‘इंटरनेशनल रामनवमी’ के नाम से भी जाना जाता है। हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग इस पर्व को देखने हजारीबाग पहुंचते हैं। मंगला जुलूस के साथ ही शहर में रामनवमी की तैयारियां तेज हो गई हैं।

हजारीबाग की रामनवमी का इतिहास सौ साल से भी अधिक पुराना है ।

हजारीबाग की रामनवमी का इतिहास सौ साल से भी अधिक पुराना है ।

जगह-जगह सजावट व आयोजन शुरू हो गए हैं। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने शहरवासियों से भगवान राम के आदर्शों का पालन करते हुए प्रेम, भाईचारे और शांति के साथ पर्व मनाने की अपील की है, ताकि रामनवमी का आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।

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