रांची2 मिनट पहलेलेखक: कौशल आनंद
- कॉपी लिंक

बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ताओं को अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा। बिजली कब गई, क्यों गई और कब तक बहाल होगी- इसकी सटीक जानकारी सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल पर पहुंचेगी। इससे उपभोक्ताओं को बिजली गुल होने पर कॉल सेंटर या स्थानीय फ्यूज कॉल सेंटर के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी सह जेबीवीएनएल के एमडी के. श्रीनिवासन की पहल पर निगम ने डिवीजनवार वाट्सएप चैनल शुरू किया है। शुरुआत रांची के सभी छह डिवीजनों से हो गई है, जिसे जल्द ही धनबाद, जमशेदपुर और चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी 44 डिवीजनों में लागू किया जाएगा। खास बात यह है कि इस व्यवस्था से आला अधिकारी भी सीधे जुड़ेंगे, जिससे मनमाने शटडाउन पर लगाम लगेगी। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत आंतरिक निगरानी और जवाबदेही तय होना है। चैनल पर सिर्फ आम उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि जूनियर इंजीनियर से लेकर मुख्यालय स्तर के शीर्ष अधिकारी तक जुड़े रहेंगे। जैसे ही किसी इलाके में पावर कट की सूचना चैनल पर पोस्ट होगी, मुख्यालय को भी तुरंत पता चल जाएगा कि किस फीडर में किस वजह से बिजली बंद है। इससे अकारण या तय समय से अधिक देर तक बिजली गुल रहने पर संबंधित अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब किया जा सकेगा।
योजना के प्रमुख बिंदु
रांची से आगाज : राजधानी के 6 डिवीजनों (ईस्ट, वेस्ट, डोरंडा, सेंट्रल, न्यू कैपिटल और कोकर) में व्यवस्था लाइव। अगला चरण : रांची के बाद धनबाद और जमशेदपुर में लागू होगा; फिर राज्य के सभी 44 डिवीजनों का होगा नेटवर्क। अफसरों पर सीधी निगरानी : मुख्यालय सीधे मॉनिटर करेगा कि बिजली कब गई, कारण क्या था और कितनी देर में लाइन जुड़ी। थ्री-प्वाइंट अलर्ट सिस्टम : सूचना में 3 बातें अनिवार्य होंगी-बिजली कटने का कारण, प्रभावित क्षेत्र और संभावित बहाली समय।
मनमाने शटडाउन पर रोक, अपडेट भी देना होगा
निगम ने शटडाउन के नियमों को भी सख्त कर दिया है। अब कोई भी कनीय अभियंता अपनी मर्जी से लाइन बंद नहीं कर सकेगा। 33 केवी या 11 केवी फीडर में किसी भी पूर्व-नियोजित (प्री-प्लान) शटडाउन के लिए कार्यपालक अभियंता (ईई) की लिखित सहमति और पूर्व सूचना अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि, अप्रत्याशित फॉल्ट, दुर्घटना या आपात सुरक्षा खतरों के समय तत्काल लाइन काटने की छूट रहेगी, लेकिन उसका कारण और बहाली का संभावित समय तुरंत चैनल पर अपडेट करना होगा।
क्यों पड़ी जरूरत
अक्सर बिना सूचना के बिजली कटने से उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी और स्थानीय स्तर पर मनमाने शटडाउन की शिकायतें आ रही थीं। बिजली कब कटेगी और कब आएगी, कोई स्पष्ट जानकारी नहीं होती थी। बिजली जाने पर उपभोक्ता कंट्रोल रूम या मिस्त्री को फोन मिलाते रहते थे।
क्या होगा असर
अनावश्यक कटौती रुकेगी, लाइनमैन से लेकर कार्यपालक अभियंता तक की जवाबदेही तय होगी और उपभोक्ता पहले से अपने जरूरी काम प्लान कर सकेंगे। सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर सूचना दर्ज होने के कारण बिजली कर्मियों पर तय समय सीमा के भीतर फॉल्ट ठीक करने का दबाव रहेगा।
पावर कट की सूचना पाने के लिए क्या करें
उपभोक्ताओं को अपने संबंधित डिवीजन के वाट्सएप चैनल को फॉलो करना होगा। उदाहरण के लिए रांची ईस्ट डिवीजन के उपभोक्ता ‘Power Supply-Ranchi East Division’ नाम से चैनल खोजकर उसे फॉलो कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित डिवीजन में होने वाले प्री-प्लान शटडाउन, फीडर बंद होने, ब्रेकडाउन और बिजली बहाली से जुड़ी सूचनाएं मिलती रहेंगी।

