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की-मैन की सूचना पर रेलवे और बीसीसीएल ने जेबीसी से कराई भराई
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धनबाद-चंद्रपुरा (डीसी) रेल मार्ग पर मंगलवार सुबह सोनारडीह केबिन के पास रेल लाइन से करीब दो मीटर दूर जमीन धंसने से बड़ा गोफ बन गया। सुबह करीब आठ बजे पेट्रोलिंग पर निकले की-मैन की नजर गोफ पर पड़ी। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद रेलवे और बीसीसीएल अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही रेलवे और बीसीसीएल की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि गोफ का धंसान रेल पटरी की ओर बढ़ रहा था। समय रहते इसकी जानकारी नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से गोफ को पूरी तरह भर दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी भी ट्रेन का परिचालन प्रभावित नहीं हुआ। सभी ट्रेनें इस रेल लाइन से पहले की तरह ही रवाना हुईं।
खतरे के कारण 21 माह तक बंद थी लाइन भूमिगत आग से उत्पन्न खतरे को देखते हुए धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग को 15 जून 2017 को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इसके कारण इस मार्ग से गुजरने वाली 26 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन रुक गया था। करीब एक वर्ष नौ माह बाद 24 फरवरी 2019 को आवश्यक सुरक्षा उपायों के बाद इस रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू किया गया।
28 किमी वैकल्पिक डीसी रेल लाइन का निर्माण जारी धनबाद से भूली, तेतुलमारी, निचितपुर, मतारी, तेलो होते हुए चंद्रपुरा तक 28 किलोमीटर लंबी वैकल्पिक रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। धनबाद से मतारी तक मौजूदा ग्रैंड कॉर्ड लाइन के समानांतर तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद यह लाइन मतारी यार्ड से अलग होकर कर्व के रूप में ग्रैंड कॉर्ड लाइन को पार करते हुए तेलो और चंद्रपुरा पहुंचेगी। वापसी दिशा की ट्रेनें तेलो तक डाउन लाइन से चलेंगी और रामकुंडा के पास निर्माणाधीन आरओबी से ग्रैंड कॉर्ड लाइन पार कर दिल्ली-हावड़ा डाउन लाइन से जुड़ेंगी। वहां से तेलो और दुग्धा तक नई लाइन का निर्माण होगा। किसी आपात स्थिति में ट्रेनों का परिचालन इस वैकल्पिक लाइन पर किया जा सकेगा।
