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मोतिहारी के सुगौली नगर पंचायत स्थित RTPS कार्यालय का रिश्वत लेने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आवासीय प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर पैसे लिए जाने का दावा किया जा रहा है।
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वीडियो सामने आने के बाद नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
₹300 मांगने का दावा, ₹200 देते दिखी महिला
वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि RTPS कार्यालय से जुड़े एक कर्मी ने आवासीय प्रमाण पत्र बनाने के बदले ₹300 की मांग की। वीडियो में एक महिला कथित तौर पर ₹200 नकद देती हुई नजर आ रही है। साथ ही ₹100 पहले फोन-पे के जरिए भेजे जाने का भी दावा किया गया है।
वीडियो में संबंधित कर्मी कथित तौर पर खुद पैसे लेने के बजाय किसी दूसरे व्यक्ति को राशि देने की बात कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि वह व्यक्ति स्थानीय वार्ड पार्षद का कथित दलाल है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
RTPS व्यवस्था पर उठे सवाल
RTPS यानी राइट टू पब्लिक सर्विस व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को निर्धारित समय-सीमा में सरकारी सेवाएं और प्रमाण पत्र पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। ऐसे में प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर कथित अवैध वसूली का वीडियो सामने आने से लोगों में नाराजगी है।
वीडियो में दिखाई गई रकम वास्तव में किस मद में ली गई और लगाए गए आरोप कितने सही हैं, यह प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वार्ड पार्षद ने की जांच की मांग
मामले को लेकर वार्ड पार्षद श्याम शर्मा ने भी नगर पंचायत कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों, खासकर गरीब परिवारों से सरकारी काम कराने के नाम पर कथित तौर पर पैसे लिए जाते हैं।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी सच्चाई
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल मामले में प्रशासनिक जांच का इंतजार है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे कितने सही हैं और पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका है।
