मुजफ्फरपुर13 मिनट पहले
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मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ धाम में इस बार श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक होगी। 30 जुलाई से शुरू होने वाले मेले में पहली बार पहलेजा घाट से लेकर बाबा गरीबनाथ धाम तक सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इन कैमरों के जरिए पूरे कांवरिया पथ पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, जिससे छिनतई, मारपीट या अन्य अप्रिय घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले शहर में प्रवेश के बाद सीमित कैमरे लगते थे, लेकिन इस बार कांवरियों के पहलेजा घाट से जल भरने के साथ ही उनकी पूरी यात्रा कैमरों की निगरानी में रहेगी। नेशनल हाईवे के सुनसान इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां पहले छिनतई जैसी घटनाएं हुई थीं।

कैमरों की संख्या 100 से 300 होगी
जिला प्रशासन के अनुसार, सभी प्रमुख कैमरों को स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। अनुमंडल कार्यालय और जिला कंट्रोल रूम से भी इनकी निगरानी होगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल अलर्ट भेजा जाएगा, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इस बार केवल मंदिर परिसर ही नहीं, बल्कि कांवरिया पथ, राष्ट्रीय राजमार्ग, स्वास्थ्य शिविरों, विश्राम स्थलों और प्रमुख चौराहों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्षों में करीब 100 कैमरे लगाए जाते थे, लेकिन इस बार यह संख्या बढ़ाकर लगभग 300 की जाएगी।
श्रावणी मेले के दौरान शनिवार दोपहर से सोमवार दोपहर तक मुजफ्फरपुर-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी और मालवाहक वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहता है। इसके बावजूद कुछ वाहन ग्रामीण सड़कों से हाईवे पर आ जाते हैं, जिससे कांवरियों को परेशानी होती है। इस बार सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए ऐसे वाहनों की भी निगरानी की जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।

सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई जाएगी।
प्रशासन ने शुरू किया रूट निरीक्षण पूर्वी एसडीएम तुषार कुमार ने बताया कि श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। नगर आयुक्त के साथ संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का निरीक्षण किया गया है। जहां-जहां सड़क क्षतिग्रस्त है, बिजली के पोल या लटकते तार हैं या सफाई की जरूरत है, वहां संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मेले के दौरान लगातार निरीक्षण किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पहली बार सीसीटीवी का इतना व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम, अनुमंडल कार्यालय और जिला कंट्रोल रूम से इसकी लगातार मॉनिटरिंग होगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाई जा सकेगी।


