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”विश्व पेपर बैग दिवस” के अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल, गुमला के एनसीसी कैडेट्स (ट्रूप संख्या 18/46) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। ”नो प्लास्टिक अभियान” के तहत कैडेट्स ने स्वयं अपने हाथों से तैयार किए गए कपड़े के थैले उपायुक्त दिलेश्वर महतो के समक्ष प्रदर्शित किए। इन थैलों पर पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता के संदेश अंकित थे।कैडेट्स की रचनात्मकता और प्रकृति के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हमारे युवा ही इस बदलाव के असली संवाहक हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या माधवी पांडे ने इस प्रयास पर गर्व जताते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत करना है। एएनओ सेकेंड ऑफिसर अभिजीत झा ने कहा कि यह मुहिम प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण के संकल्प को हकीकत में बदलने का काम कर रही है, जो जिला प्रशासन और आम जनता के सहयोग से भविष्य में और अधिक व्यापक रूप लेगी।
46 झारखंड बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल पी. शर्मा ने कैडेट्स की इस सक्रियता की सराहना की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस गरिमामयी अवसर पर डीएवी कपिलदेव के प्राचार्य सह डीएवी गुमला प्रबंधक एस.के. शर्मा, एम.बी. डी.ए.वी. लोहरदगा की प्राचार्या प्रेरणा शंखधर और एस.पी.एल. डी.ए.वी. लोहरदगा के प्रभारी अश्विन कुमार पात्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।अभियान की जानकारी देते हुए सीनियर विंग ओपन कैडेट सार्जेंट ताशा झा ने बताया कि वर्ष 2018 से यह दल लगातार इस मुहिम में जुटा है।
अब तक कैडेट्स ने लगभग 5000 कपड़े के थैलों का वितरण स्थानीय स्तर (डेली मार्केट, राहगीरों) से लेकर पूरे देश भर में किया है। उन्होंने बताया कि ये कलाकृति युक्त बैग्स डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम फाउंडेशन, स्केचपेंट एक्सप्रेस फॉर इंडिया, एनसीसी और देश की सुरक्षा में तैनात सेना के जवानों को भी भेजे गए हैं। इस अवसर पर कैडेट्स ने 50 थैले जिला प्रशासन को भेंट किए।
