पटना8 मिनट पहले
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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालने के महज 15 दिनों के भीतर अपनी कार्यशैली से सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर वे 10 से अधिक धार्मिक स्थलों का दौरा कर चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर हजारों करोड़ रुपये की मंदिर विकास परियोजनाओं की घोषणा भी कर चुके हैं।
सीएम सम्राट चौधरी ने अब तक बाबा हरिहरनाथ मंदिर, बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ धाम, विष्णुपद मंदिर, बड़ी पटन देवी मंदिर और छोटी पटनदेवी मंदिर समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की।
इससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि अब बिहार में ‘धार्मिक आस्था + इंफ्रास्ट्रक्चर’ वाला नया राजनीतिक मॉडल आकार ले रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंदिर दौरे की तस्वीरें देखिए…

पुनौराधाम में माता सीता जी की पूजा करते सीएम सम्राट चौधरी।

पटन देवी माता की पूजा करते सीएम सम्राट चौधरी।

विष्णुपद मंदिर में आरती करते CM।

महाबोधि मंदिर में पूजा करते CM सम्राट चौधरी।
हजारों करोड़ के कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स का ऐलान
मुख्यमंत्री ने गया के विष्णुपद मंदिर के लिए करीब 2390 करोड़ रुपये का कॉरिडोर प्रोजेक्ट, सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर के लिए 680 करोड़ की योजना और पटना सिटी के शक्तिपीठों- बड़ी पटन देवी मंदिर और छोटी पटनदेवी मंदिर, के लिए कॉरिडोर निर्माण की घोषणा की है।
इसके अलावा सीतामढ़ी के पुनौराधाम में 2028 तक भव्य सीता मंदिर और टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या ‘हिंदू एजेंडा + विकास’ का फॉर्मूला?
इन फैसलों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या बिहार में अब भारतीय जनता पार्टी का “हिंदू एजेंडा + इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट” मॉडल लागू किया जा रहा है।
हालांकि, नीतीश कुमार के पारंपरिक विकास मॉडल से अलग इस रणनीति को लेकर राजनीतिक विशेषज्ञ सवाल भी उठा रहे हैं। उनका मानना है कि क्या यह बिहार के सामाजिक और राजनीतिक मिजाज के अनुरूप है या फिर भारतीय जनता पार्टी के कोर एजेंडे को मजबूत करने की कोशिश है।
नीतीश मॉडल की बात, लेकिन दिखाई नहीं दे रही- विशेषज्ञ
पॉलिटिकल एक्सपर्ट रवि उपाध्याय ने कहा कि, ‘सम्राट की सरकार में मॉडल नीतीश कुमार का जरूर चल रहा है, लेकिन धरातल पर उतरता हुआ नहीं दिखाई पड़ रहा है। यह जनता का भी मानना है क्योंकि हाफ एनकाउंटर फुल एनकाउंटर, नीतीश कुमार इन सब पर विश्वास नहीं करते थे।
एक तरफ आप नीतीश मॉडल की बात करते हैं और दूसरी ओर मंदिर-मंदिर घूम कर विश्वनाथ कॉरिडोर के तर्ज पर मंदिरों को बनाने की बात कर रहे हैं।’

बिहार में अपने कोर एजेंडा को चलाने की कवायद में भाजपा
पॉलिटिकल एक्सपर्ट रवि उपाध्याय ने कहा कि, ‘निश्चित रूप से भाजपा का कोर एजेंडा मंदिर रहा है। अगर यह नीतीश मॉडल की बात करते हैं तो यह नीतीश मॉडल में मंदिर कहां था?’

बीजेपी के एजेंडा पर चलकर पार्टी में बना रहे अपनी मजबूती
पॉलिटिकल एक्सपर्ट कन्हैया भेलारी ने कहा कि, ‘मुझे लगता है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एजेंडा सिर्फ कहने और दिखाने के लिए है। सच्चाई यही है कि वह बीजेपी के मेन एजेंडा पर काम कर रहे। इसलिए मंदिर-मंदिर जा रहे है या मंदिरों के लिए घोषणा कर रहे हैं। नीतीश कुमार को बीजेपी छोड़ भी नहीं सकती है। ऐसा करके मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बीजेपी में भी खुद को मजबूत करना चाहते हैं।’

सीएम सम्राट चौधरी ने अब तक जिन प्रमुख मंदिरों का दौरा किया है, जो इस प्रकार हैं:
- 15 अप्रैल: राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में शपथ ग्रहण से पहले पूजा की।
- 17 अप्रैल: बाबा हरिहरनाथ मंदिर में सपरिवार दर्शन किया।
- 19 अप्रैल: बाबा बैद्यनाथ धाम: मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार देवघर पहुंचकर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।
- 19 अप्रैल: बासुकीनाथ धाम में हाजिरी लगाई।
- 25 अप्रैल: मां जानकी के जन्मस्थान पर पूजा किया।
- 25 अप्रैल: पुनौरा धाम परिसर कुंड में जलाभिषेक और आरती की।
- 26 अप्रैल: तिलडीहा दुर्गा मंदिर बांका में पूजा अर्चना कर 101 किलो लड्डू का भोग लगाया।
- 28 अप्रैल: बड़ी पटन देवी शक्तिपीठ में पूजा अर्चना की।
- 28 अप्रैल: छोटी पटनदेवी मंदिर में पूजा की।
- 28 अप्रैल: पटना सिटी के जल्ला हनुमान मंदिर में अपनी पत्नी के साथ मत्था टेका।
- 1 अप्रैल: गया के विष्णुपद मंदिर में दर्शन किया।
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट ने किन-किन मंदिरों के लिए बड़ी घोषणाएं की, जानें

सबसे पहले पुनौरा धाम पहुंचे थे सीएम सम्राट चौधरी।
पुनौरा धाम कॉरिडोर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 25 अप्रैल को सीतामढ़ी के पुनौराधाम मंदिर निर्माण और पूरे प्रक्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा की। पुनौराधाम मंदिर का निर्माण 31 दिसंबर 2028 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही ऑर्गनाइज्ड टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके।
साथ ही माता सीता से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों को पुनौराधाम से जोड़ने का निर्देश दिया। इसमें सीतापुरम और सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना शामिल है।

पटना स्थित पटन देवी मंदिर में दर्शन करने के बाद सीएम सम्राट चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार।
पटन देवी मंदिर के लिए कॉरिडोर विकास योजना की घोषणा
मुख्यमंत्री ने 28 अप्रैल को पटना सिटी के बड़ी पटन देवी और छोटी पटन देवी मंदिरों के लिए एक कॉरिडोर विकास योजना (Corridor Development Plan) की घोषणा की है। इसके तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग और बेहतर बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
वहीं, जल्ला हनुमान मंदिर के पास की जलजमाव की समस्या के समाधान को लेकर जल संसाधन विभाग को योजना बनाने का निर्देश दिया।

CM ने ईरिक्शा में बैठकर विण्णुपद मंदिर का कॉरिडोर घूमा।
2390 करोड़ रुपए से विष्णुपद मंदिर में कॉरिडोर बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22 अप्रैल को गया स्थित विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर परियोजना की समीक्षा की। इस परियोजना के तहत विष्णुपद मंदिर परिसर, फल्गु नदी के तटीय क्षेत्र और आसपास के इलाकों को डेवलप किया जाएगा, जिस पर करीब 2390 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस योजना के अंतर्गत कुल 694 स्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे, जिनमें कमर्शियल शॉप, वाहन पार्किंग, श्रद्धालुओं और पिंडदानियों के लिए शेड, घाटों का सौंदर्यीकरण, विष्णुपद मंदिर से मानपुर तक घाट विकास और सीता कुंड क्षेत्र का उन्नयन शामिल है।
विष्णुपद मंदिर और सीता कुंड के बीच 108 फीट ऊंची भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जहां तक पहुंचने के लिए पैदल पथ बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई कम से कम 20 फीट रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो।

सम्राट चौधरी ने हरिहरनाथ मंदिर में बाबा को चढ़ाया जल।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के तर्ज पर डेवलप होगा हरिहरनाथ मंदिर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर स्थित ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने का ऐलान किया है। इसके लिए 680 करोड़ रुपए के भव्य प्रोजेक्ट की घोषणा की है।
यह निर्णय उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया। 65,000 वर्ग मीटर में बनने वाले इस कॉरिडोर के तहत गंगा-गंडक संगम के घाटों का कायाकल्प, भव्य प्रवेश द्वार, विशाल परिक्रमा पथ और बेहतर पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।



