Top 5 This Week

Related Posts

Patna AIIMS Launches Thyroid Cancer Therapy & PET-CT Scan

पटना11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पटना एम्स ने थायरॉयड कैंसर के इलाज के लिए मॉर्डन थेरानॉस्टिक न्यूक्लियर मेडिसिन सेवाओं की शुरुआत की है। इसके तहत, रेडियो-आयोडीन थेरेपी और PET-CT स्कैन जैसी उन्नत सुविधाएं अब एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। यह कदम मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता को समाप्त करेगा।

अब तक थायरॉयड कैंसर के मरीजों को इस तरह के इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे उन्हें समय, पैसा और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता था। पटना में यह सुविधा उपलब्ध होने से हजारों मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

इस सुविधा का उद्घाटन संस्थान के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने किया।

संस्थान के कार्यकारी निदेशक और सीईओ ने सुविधा का उद्घाटन किया।

संस्थान के कार्यकारी निदेशक और सीईओ ने सुविधा का उद्घाटन किया।

जांच और इलाज आपस में एकीकृत होंगे

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह पहल मरीजों के जीवन में राहत, विश्वास और समय पर सही इलाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान का लक्ष्य हर मरीज को बिना देरी के सटीक और सुलभ उपचार देना है। इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ डॉक्टर भी मौजूद थे। सभी विशेषज्ञों ने इस नई सुविधा को क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया।

न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार, जो इस पहल का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने थेरानॉस्टिक्स के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें जांच और इलाज आपस में एकीकृत होते हैं।

डॉ. कुमार के अनुसार, अब हर स्कैन केवल एक रिपोर्ट नहीं होगा, बल्कि यह इलाज की दिशा भी तय करेगा। इससे मरीजों को व्यक्तिगत और लक्षित थेरेपी प्रदान करने में मदद मिलेगी, जिससे उपचार अधिक प्रभावी और सटीक होगा।

एक ही छत के नीचे संपूर्ण इलाज नई सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें PET-CT, SPECT-CT (गामा कैमरा) और रेडियो-आयोडीन थेरेपी का एकीकृत उपयोग किया जाएगा। इसका मतलब है कि थायरॉयड कैंसर के मरीजों को शुरुआती जांच से लेकर इलाज और उसके बाद की मॉनिटरिंग तक की पूरी सुविधा एक ही जगह मिलेगी।

यह व्यवस्था न केवल बीमारी का जल्दी और सटीक पता लगाने में मदद करेगी, बल्कि इलाज के बाद उसकी प्रभावशीलता का आकलन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

सुविधा के बार में बताते अधिकारी।

सुविधा के बार में बताते अधिकारी।

किफायती इलाज से बढ़ेगी पहुंच एम्स पटना फिलहाल बिहार और झारखंड का एकमात्र सरकारी संस्थान बन गया है जहां यह पूरी सुविधा किफायती दरों पर उपलब्ध है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी उच्चस्तरीय इलाज मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि PET-CT जैसी आधुनिक तकनीक को गामा कैमरा के साथ जोड़ने से कैंसर के निदान और इलाज में सटीकता कई गुना बढ़ जाएगी। इससे डॉक्टर बीमारी की स्थिति को बेहतर समझ पाएंगे और उसी के अनुसार इलाज की योजना बना सकेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव यह पहल केवल एक नई मेडिकल सुविधा नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव है। इससे न केवल इलाज आसान होगा, बल्कि मरीजों का भरोसा भी स्थानीय संस्थानों पर मजबूत होगा। एम्स पटना अब तेजी से एक ऐसे केंद्र के रूप में उभर रहा है जहां मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज अपने ही शहर में मिल रहा है। यह पहल इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में राज्य के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम होती जाएगी।

पटना एम्स में मरीजों को मिलेगी मॉर्डन सुविधा।

पटना एम्स में मरीजों को मिलेगी मॉर्डन सुविधा।

उम्मीद और भरोसे का नया केंद्र इस नई शुरुआत के साथ एम्स पटना ने यह संदेश दिया है कि अब इलाज के लिए दूरी नहीं, बल्कि भरोसा मायने रखेगा। मरीजों को समय पर, सटीक और सुलभ इलाज देना ही संस्थान का मुख्य उद्देश्य है। इस कदम के साथ एम्स पटना केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि उम्मीद, विश्वास और स्वस्थ भविष्य का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

Spread the love

Popular Articles