8 मई को पटना में प्रदर्शन के दौरान जमकर बवाल हुआ था।
BPSC TRE-4 वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर आज पटना की सड़कों पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उतरेंगे।
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प्रदर्शन की शुरुआत सुबह 11 बजे पटना कॉलेज से होगी, जहां से अभ्यर्थी मार्च करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) कार्यालय तक जाएंगे।
प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एक दिन पहले यानी 19 मई को पुलिस को सूचना मिली थी कि यह आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है।
इसके बाद मंगलवार को प्रशासन ने पटना के कई शिक्षकों और कोचिंग संचालकों के साथ अहम बैठक की। बैठक में ASP, SDM सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
शिक्षकों को दी गई सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान प्रशासन ने शिक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने साफ कहा कि अगर छात्रों की ओर से किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि होती है और उसमें किसी शिक्षक की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित शिक्षकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

मंगलवार रात शिक्षकों की पुलिस अधिकारियों संग बैठक हुई थी।
शिक्षक गुरु रहमान ने बैठक के बाद कहा, ‘कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षक ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे माहौल खराब हो।’
छात्रों को क्लास में व्यस्त रखने की सलाह
पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि प्रदर्शन को पटना के कई बड़े शिक्षकों का समर्थन प्राप्त है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने प्रदर्शन से एक दिन पहले तमाम शिक्षकों को बुलाकर चेतावनी दी।
बैठक में प्रशासन ने शिक्षकों से उनके क्लास का समय भी पूछा। शिक्षकों ने बताया कि सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक क्लास चलता है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि इसी दौरान छात्रों को पढ़ाई में व्यस्त रखा जाए, ताकि वे आंदोलन में शामिल न हों।
प्रशासन की कोशिश है कि छात्रों का प्रदर्शन बड़ा रूप न ले और स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
नोटिफिकेशन नहीं आने से अभ्यर्थियों में नाराजगी
गुरु रहमान ने कहा कि इससे पहले पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जल्द नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई घोषणा नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर की ओर से भी जल्द नोटिफिकेशन जारी होने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक अभ्यर्थियों को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इसी वजह से छात्रों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

8 मई को प्रदर्शन के दौरान हुआ था लाठीचार्ज
इससे पहले 8 मई को भी TRE-4 अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से मार्च निकालकर जेपी गोलंबर तक प्रदर्शन किया था। इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया था।
अभ्यर्थियों का आरोप था कि पुलिस ने उन्हें सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान कई छात्रों के सिर फट गए थे। महिला अभ्यर्थियों के साथ भी बदसलूकी के आरोप लगे थे।
कैंडिडेट्स ने कहा था, “हम आने वाले भविष्य के शिक्षक हैं, लेकिन पुलिस हमें गुंडों की तरह पीट रही है।”
लाठीचार्ज के बाद सड़क पर अभ्यर्थियों की चप्पलें बिखरी नजर आई थीं। कई छात्रों के कपड़े खून से सने हुए थे। विरोध में कुछ अभ्यर्थियों ने आधे कपड़े उतारकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी भी की थी।
देखें 8 मई के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें…

महिला कैंडिडेट को पुलिस वालों ने पैरों से कुचला

कैंडिडेट्स पर लाठी बरसाती पुलिस।

कैंडिडेट्स ने बारिश में प्रदर्शन किया था।
बारिश के बीच 7 घंटे तक चला था प्रदर्शन
बारिश के बावजूद अभ्यर्थी सड़क पर डटे रहे। हालांकि करीब 7 घंटे बाद पुलिस ने जेपी गोलंबर से सभी प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ था।
8 मई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सबसे पहले छात्र नेता दिलीप कुमार समेत कुछ अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। बाद में सभी को सिविल कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।।बताया जा रहा है कि पिछले 10 दिनों से छात्र नेता दिलीप कुमार और अन्य अभ्यर्थी जेल में बंद हैं।

