![]()
अररिया जिले के समाहरणालय परिसर स्थित परमान सभागार में शुक्रवार को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत ऋण पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में 44 लाभुकों को ऋण डिस्बर्समेंट और स्वीकृति पत्र सौंपे गए। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने लाभुकों को पत्र प्रदान करते हुए योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न बैंकों के माध्यम से 44 लोगों को इस योजना के तहत ऋण स्वीकृत किया गया है। वर्तमान में जिले में 44 सोलर प्लांट्स का इंस्टॉलेशन पहले किया जा चुका है। DM ने की योजना का फायदा उठाने की अपील योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये और 3 किलोवाट पर 78 हजार रुपये का सरकारी अनुदान दिया जा रहा है। डीएम दूहन ने अररिया जिले के आम नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएं और अपने घरों पर सोलर प्लेट्स लगवाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल से मुक्ति दिलाएगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का साधन भी बनेगी। बिजली बेचकर कम सकेंगे मुनाफा एक लाभुक ने कार्यक्रम में अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सरकार की बेहतरीन पहल है और इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिलेगी। लाभुक ने बताया कि उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया है, जबकि उनकी घरेलू खपत मात्र 1 किलोवाट है। बचे हुए 2 किलोवाट बिजली को ग्रिड को बेचकर वे मुनाफा कमा सकेंगे। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार का लक्ष्य देश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने योजना के तहत पात्र परिवारों को सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने के लिए आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ें और देश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। जिला पदाधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति संबंधित बैंक या जिला ऊर्जा कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी। सोलर सिस्टम लगने से न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। अररिया जिले में इस योजना को और तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन सक्रिय है। लाभुकों की संख्या बढ़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।


