Chanakya niti in hindi: आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में धन से संबंधित कई नीतियों का वर्णन किया है। एक नीति के माध्यम से उन्होंने बताया है कि किन लोगों के पास धन नहीं टिकता है। पढ़ें आज की चाणक्य नीति।
Chanakya niti 29 July 2026: मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है। चाणक्य नीति कहती है कि मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए व्यक्ति का अनुशासित होना अनिवार्य है। जो लोग हर काम को जिम्मेदारी से करते हैं और अच्छे आचरण वाले होते हैं उन पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है। जबकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन पर मां लक्ष्मी अपनी कृपा या आशीर्वाद प्रदान नहीं करती है। चाणक्य नीति के अनुसार, भले ही कोई व्यक्ति कितना ही धन कमा लें लेकिन अगर उसमें कुछ अवगुण होते हैं, तो वह जल्द ही निर्धन हो जाता है। ऐसे लोगों को जीवन भर धन संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जानें आचार्य चाणक्य के अनुसार, किन लोगों पर मां लक्ष्मी की कृपा नहीं होती है।
श्लोक:
चाणक्य नीति का एक प्रसिद्ध श्लोक है जो इन लोगों के बारे में बताता है:
कुचैलिनं दन्तमलोपधारिणं बह्वाशिनं निष्ठुरवाक्यभाषिणम् ।
सूर्योदये चास्तमिते च शायिनं विमुञ्चति श्रीरपि चक्रपाणिम् ॥
श्लोक का अर्थ:
जो व्यक्ति गंदे या मैले कपड़े पहनता है। जो अपने दातों को साफ नहीं रखता है। जो बहुत अधिक भोजन करता है। जो कठिन या कठोर वचन बोलता है। जो व्यक्ति सूर्योदय और सूर्यास्त के बाद सोता है। ऐसे लोगों पर मां लक्ष्मी की कृपा नहीं होती है। चाणक्य कहते हैं कि ऐसे स्वभाव वाले व्यक्ति का त्याग स्वयं मां लक्ष्मी कर देती हैं।
श्लोक का सार:
1. सफाई न रखने वाला:
चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति को धन सिर्फ भाग्य से प्राप्त नहीं होता है बल्कि अनुशासन, स्वच्छता, मीठी वाणी, कठोर परिश्रम और सही खर्च करने की आदत से ही धन टिकता है। चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने शरीर और वस्त्रों की साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं, उनके पास दरिद्रता का वास होता है।
2. कटुभाषी (कड़वी बातें बोलने वाला):
चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति लोगों से गंदी या कड़वी भाषा में बात करते हैं या दूसरों के दिल को दुखाते हैं या हमेशा नकारात्मक शब्दों का प्रयोग करते हैं उनके घर में मां लक्ष्मी का कभी नहीं ठहरती हैं।
3. आलसी व्यक्ति:
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति आलसी होता है या हमेशा काम को टालता रहता है और आराम की निद्रा में रहता है, ऐसे लोगों का त्याग स्वयं मां लक्ष्मी कर देती हैं।
4. आवश्यकता से अधिक भोजन करने वाला:
चाणक्य कहते हैं कि जिस व्यक्ति का अपनी भूख और जीभ पर नियंत्रण नहीं होता है। वह व्यक्ति हर समय खाने के बारे में सोचता रहता है। ऐसे लोग भी धन से जुड़ी परेशानियों का सामना करते हैं।
5. बेवजह खर्च करने वाला:
चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपनी आय से अधिक खर्च करता है, वह भी अतिशीघ्र दरिद्र हो जाता है। इसलिए धन का प्रयोग बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।

