Thursday, April 23, 2026

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Rs 56.5 crore transferred to private accounts, money reaches watch company, account frozen

रांची22 घंटे पहले

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ऊर्जा निगम के खातों से अवैध रूप से निकाले गए 56.5 करोड़ रुपए के मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ा खुलासा किया है। पता चला है कि राशि अलग-अलग निजी खातों में ट्रांसफर की गई थी। इस रकम में से 20 लाख रुपए दिल्ली की घड़ी कंपनी मेसर्स वाच ग्रुप के सिटी बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। यह खाता नई दिल्ली के वेस्ट पंजाबी बाग शाखा में संचालित है।

जांच में सामने आया है कि यह कंपनी राडो, टिसोट, लोंगिन्स और ओमेगा जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की घड़ियों और उनके स्पेयर पार्ट्स के इंपोर्ट, डिस्ट्रीब्यूशन और रीसेल का कारोबार करती है। एजेंसी ने इस लेन-देन को संदिग्ध मानते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है। सीआईडी का कहना है कि यह रकम कथित गबन से जुड़ी हो सकती है। एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी और शेल कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर पैसे घुमाए गए। इस नेटवर्क में हरेश ट्रेडर्स, अशोक इलेक्ट्रॉनिक, राजीव टेक्सटाइल और आदर्श डीलर्स जैसी कंपनियों के नाम सामने आए हैं।

पहले से दो केस दर्ज हैं

रांची के धुर्वा थाना में पर्यटन और ऊर्जा निगम से जुड़े 107 करोड़ रुपए की फर्जी निकासी को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई थीं। बाद में सीआईडी ने दोनों मामलों को टेकओवर कर जांच शुरू की। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व एटीएस के तत्कालीन एसपी ऋषभ कुमार झा को दिया गया था। इस मामले में अब तक बैंक अधिकारियों समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से ईडी भी जांच कर रहा है।

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