कोलकाता से कमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट
Supreme Court : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके नाम राशन सूची से भी हटा दिया गया है. मंगलवार को जब यी मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने लाया गया तो कोर्ट ने इस मामले को कलकत्ता हाई कोर्ट में ले जाने की सलाह दी. न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि ऐसे मामले को सुप्रीम कोर्ट से पहले हाईकोर्ट ले जाना चाहिए.
यह SIR का मामला नहीं है
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि एसआइआर के दौरान जिन लोगों के नाम हटाये गये हैं, उन्हें राशन सूची से भी हटाया जा रहा है, जिससे बड़ी समस्या पैदा हो रही है. बड़ी संख्या में लाभार्थियों के बाहर होने का खतरा है. इस पर न्यायमूर्ति नागरत्ना ने सवाल किया कि याचिकाकर्ता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख क्यों नहीं किया. पीठ ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय काम कर रहा है, वहां जाइये. वकील ने तर्क दिया कि एसआईआर प्रक्रिया को शीर्ष अदालत ने बरकरार रखा है. इस पर पीठ ने टिप्पणी की कि राशन कार्ड से जुड़े मामले में कार्रवाई का एक अलग आधार है.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कृपया इसे उच्च न्यायालय में ले जाइये
चार जून को पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राज्यव्यापी सत्यापन अभियान का आदेश दिया था, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अयोग्य लाभार्थियों की पहचान कर उनके नाम हटाना था. यह प्रक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के परिणामों से जुड़ी हुई थी. आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस अभियान के दायरे में वे राशन कार्ड धारक आयेंगे, जिनके नाम एसआइआर के दौरान हटाये गये या जिन्हें अयोग्य पाया गया था और इस अभियान को 15 जून तक पूरा किया जाना था.
Also Read: बंगाल बजट: पश्चिम बंगाल में बनेंगे चार नये एयरपोर्ट, जानिए हवाई सेवा से जुड़ेंगे कौन कौन से जिले
The post SIR से हटाये गये लोगों का सरकारी राशन बंद, दिल्ली पहुंचे याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट ने दिखाया कोलकाता का रास्ता appeared first on Prabhat Khabar.

