Sunil Gavaskar foot licking Statement to Gautam Gambhir Supporters Who Credit him for IND vs BAN Kanpur Test victory गौतम गंभीर को इसका क्रेडिट देना तलवे चाटने जैसा…किस बात पर भड़के गावस्कर, जो दिया ऐसा बयान?, Cricket Hindi News

Date:

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कानपुर टेस्ट का क्रेडिट गौतम गंभीर को देने वाले समर्थकों को आड़े हाथों लिया है। गावस्कर का कहना है कि गंभीर को आए हुए अभी कुछ महीने ही हुए हैं, ऐसे में उनको इस जीत का क्रेडिट देना सही नहीं। लिटिल मास्टर ने भारत की इस आक्रामक जीत का श्रेय रोहित शर्मा को देने को कहा है जो पिछले कुछ समय से इसी अंदाज में क्रिकेट खेल रहे हैं और टीम इंडिया को भी खिला रहे हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

ये भी पढ़ें:ICC का भारतीय गेंदबाज के खिलाफ एक्शन, PAK के खिलाफ मुकाबले में कर दी बड़ी गलती

इंडिया वर्सेस बांग्लादेश दूसरे टेस्ट के लगभग ढाई दिन बारिश की भेंट चढ़ने के बावजूद टीम इंडिया कानपुर टेस्ट को 7 विकेट से जीतने में सफल रही थी। भारत ने इस मैच में आक्रामक बल्लेबाजी की थी। टीम इंडिया की इस बल्लेबाजी को देख हर कोई बैजबॉल से उनकी तुलना करने लगा। कई समर्थकों ने इसे गौतम गंभीर के नाम पर ‘गेमबॉल’ भी नाम दिया। हालांकि सुनील गावस्कर इसके पक्ष में नहीं है।

द हिंदू के कॉलम में सुनील गावस्कर ने लिखा, “दुख की बात है कि, जबकि बल्लेबाजी रोमांचक और ताजगी भरी थी, दृष्टिकोण को दिए गए नाम वही पुराने के पुराने थे। जिस तरह संयुक्त राज्य अमेरिका में 50 साल पहले वाटरगेट कांड के बाद अब किसी भी घोटाले को यह-गेट या वह-गेट कहा जाता है, उसी तरह इस भारतीय बल्लेबाजी दृष्टिकोण को यह-बॉल और वह-बॉल कहा गया, जब इंग्लैंड टीम के बल्लेबाजी रवैये के लिए “बाजबॉल” शब्द गढ़ा गया। इसे ऐसा इसलिए कहा गया क्योंकि “बैज” उनके कोच, न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम का उपनाम है, जिन्होंने ठीक उसी तरह बल्लेबाजी की, जैसी उनकी टीम कर रही है।”

ये भी पढ़ें:हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस में धमाल मचाएगा भारत, क्या रोहित-कोहली लेंगे हिस्सा?

उन्होंने आगे लिखा, “जबकि एक अखबार ने भारतीय बल्लेबाजी को “बॉसबॉल” कहा क्योंकि टीम के कप्तान या “बॉस” रोहित ने रास्ता दिखाया था, वहीं कुछ पुराने लोगों ने भारतीय कोच गौतम गंभीर के नाम पर इसे “गैमबॉल” कहा। जबकि बेन स्टोक्स और मैकुलम के नए शासन में इंग्लैंड की बल्लेबाजी का तरीका पूरी तरह से बदल गया, हमने पिछले कुछ वर्षों में देखा है कि रोहित इस तरह से बल्लेबाजी कर रहे हैं और अपनी टीम को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। गंभीर को कोचिंग करते हुए अभी कुछ ही महीने हुए हैं, इसलिए इस दृष्टिकोण का क्रेडिट उन्हें देना तलवे चाटने जैसा है। गंभीर ने खुद शायद ही कभी इस तरह से बल्लेबाजी की हो, जैसा मैकुलम किया करते थे। अगर कोई श्रेय दिया जाना चाहिए, तो वह केवल रोहित को और किसी को नहीं।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

We've been speaking to Iranians during one week of war. Here's what they said

Ordinary Iranians reflect on seven days of conflict and...

“Scouting, Speed, Ambition”: How Borussia Dortmund Plan To Topple Europe’s Financial Giants

Borussia Dortmund may be far from reliving the glory...

Dhanbad News: जिला स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय लेनदेन की ऑडिट शुरू

जिला स्वास्थ्य विभाग के कार्यों व वित्तीय लेनदेन की...
Join Us WhatsApp