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VB-G Ram Ji implemented in the state, Rs 4189.41 crore approved for RIMS-II

झारखंड में भी मनरेगा विदा हो गई। पहले नरेगा, फिर मनरेगा, और अब यह कहलाएगा ‘वीबी-जी राम जी’(विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। कैबिने

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कैबिनेट विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत अब पीवीटीजी समूह को 150 दिन और अन्य को 125 दिन काम मिलेगा। पहले 100 दिन काम मिलता था। इस योजना का 40 प्रतिशत वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना के अंतर्गत डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल होगा। पुराने जॉब कार्डों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट डिजिटल गारंटी कार्ड में बदला जाएगा। इनमें ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन और अन्य डिजिटल सुविधाएं शामिल होंगी। इससे फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी उपस्थिति और भुगतान में गड़बड़ी जैसी शिकायतों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, कार्यस्थलों की निगरानी जीपीएस और जियो-टैगिंग जैसी तकनीकों से की जाएगी, जबकि इलेक्ट्रॉनिक मस्टर रोल और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू होगा। नए पोर्टल के चालू होने तक पुरानी व्यवस्था व हाजिरी प्रक्रिया के तहत काम जारी रहेगा। -शेष पेज 11 पर

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इधर, भूमि अधिग्रहण का विरोध बड़ी चुनौती

सरकार ने इसके लिए नगड़ी में जमीन चिह्नित की है। लेकिन ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह उनकी उपजाऊ भूमि है। अस्पताल बंजर भूमि पर बनाया जाना चाहिए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। जबकि स्वास्थ्य विभाग इसे सरकारी जमीन बता रहा है। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि यह संस्थान झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में क्रांति लाएगा और लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

2800 बेड का होगा, एमबीबीएस की 200 और पीजी की 200 सीटें होंगी

रिम्स-2 को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की योजना है। यह अस्पताल 2800 बेड का होगा। यहां एमबीबीएस की 200 सीटें, पीजी मेडिकल की 200 सीटें और सुपर स्पेशलिटी की 200 सीटें प्रस्तावित हैं। इस परियोजना के लिए एशियाई विकास बैंक से करीब 2600 करोड़ रुपए ऋण लेने की योजना है।

53 अंचल और 54 प्रखंड में होंगे एकल प्रशासनिक पदाधिकारीराज्य के 53 अंचलों और 54 प्रखंडों में अब एकल प्रशासनिक पदाधिकारी होंगे। इन प्रखंड और अंचल में 12 से कम पंचायत होने की वजह से एकल प्रखंड विकास पदाधिकारी या अंचल अधिकारी पदस्थापित किए जाएंगे। ऐसे 53 अंचलों में अंचल अधिकारी सह बीडीओ पदस्थापित होंगे, जबकि 54 प्रखंडों में बीडीओ सह सीओ की पदस्थापना होगी। इसके अलावा 164 प्रखंडों में बीडीओ और सीओ दोनों रहेंगे। प्रदेश में 271 प्रशासनिक सेवा की इकाई है।

रिम्स-टू के लिए 4189.41 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद इसके बनने का रास्ता साफ हो गया है। योजना के सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग के लिए जागृति पीएमयू का गठन किया जाएगा। आईआईएम रांची इस परियोजना में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में काम करेगा, जबकि सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का आकलन एक्सआईएसएस, रांची करेगा। पहले चरण के निर्माण पर 2557.9 करोड़ और दूसरे चरण पर 1631.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। निर्माण कार्य झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम और मशीन-उपकरण की खरीद का काम झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन को दिया जाएगा। छात्रावास का निर्माण पीपीपी मोड पर होगा।

रिम्स-2 दो चरणों में विकसित होगा

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