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भास्कर न्यूज | जामताड़ा /करमाटांड़ करमाटांड़ प्रखंड के पिंडारी रेलवे फाटक के समीप 51.46 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज (आरओबी) पिछले करीब डेढ़ वर्ष से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2024 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण ठप है। इसका खामियाजा रोजाना हजारों राहगीरों को जाम, दुर्घटनाओं और जान जोखिम में डालकर उठाना पड़ रहा है। निर्माण के दौरान करीब 200 मीटर सड़क काटकर पुल के पिलर खड़े कर दिए गए और आवागमन के लिए किनारे अस्थायी मार्ग बनाया गया। लेकिन कार्य रुक जाने से यह रास्ता अब दुर्घटनाओं का कारण बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के समुचित इंतजाम किए गए हैं। इसके चलते अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। आए दिन नए राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अधूरा पड़ा निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से अविलंब निर्माण कार्य पूरा कराने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। अधूरे आरओबी से रोज लगता है सड़क जाम, मरीज और स्कूली बच्चों को परेशानी पिंडारी रेलवे फाटक पर आरओबी अधूरा रहने से ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद होते ही लंबा जाम लग जाता है। इसका सबसे अधिक असर एंबुलेंस, मरीजों, स्कूली वाहनों और दैनिक यात्रियों पर पड़ता है। संकरी और क्षतिग्रस्त अस्थायी सड़क से दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पूरा होने से न केवल जाम से राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र का व्यापार और आवागमन भी सुगम होगा।पिंडारी आरओबी परियोजना में देरी को लेकर पथ निर्माण विभाग ने भू-अर्जन एवं भवन विभाग को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि भू-अर्जन के लिए 28 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि रैयतों और मकान मालिकों को मुआवजा दिया जा सके। इसके बावजूद भूमि और भवनों का अधिग्रहण पूरा नहीं होने से निर्माण कार्य प्रभावित है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य में आएगी तेजी: विक्की रवीस मुर्मू पथ निर्माण विभाग इस मामले में पथ निर्माण विभाग के विक्की रवीस मुर्मू ने बताया िक भू-अर्जन में देरी से निर्माण कार्य रुका है। विभाग की ओर से भू-अर्जन के लिए 28 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं। रैयतों और मकान मालिकों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए संबंधित विभागों को नोटिस भेजा जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। पुल से गिरकर बाइक सवार की चली गई जान अक्टूबर 2025 में 35 वर्षीय एक युवक रात के समय मोटरसाइकिल से जामताड़ा से करमाटांड़ जा रहा था। निर्माणाधीन आरओबी पर पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा संकेत नहीं होने के कारण वह गड्ढे को नहीं देख सका और मोटरसाइकिल सहित उसमें गिर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
