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‘घर में किसी तरह की कोई पारिवारिक टेंशन वाली बात नहीं है। शुक्रवार शाम ही मेरे भाई ने अपनी पत्नी और मां से बात की थी। उसकी पत्नी और मां ने बीपी और सुगर के बारे में जानकारी ली थी। वो बेटे को कोटा से मेडिकल की तैयारी करा रहे थे, बेटी घर पर ही 10वीं की स्टूडेंट है। पत्नी भी सरकारी टीचर है। अब पुलिस ही बताए कि आखिर मेरे भाई ने सुसाइड क्यों किया?’ बगहा से समस्तीपुर के सदर अस्पताल में पहुंचे मुन्ना लाल बड़गरिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, मुन्ना के छोटे भाई ASI बबलू कुमार ने मोहिउद्दीननगर थाना परिसर में फांसी लगाकर सुसाइड कर ली थी। बबलू कुमार मोहिउद्ददीनगर थाने में डायल 112 में तैनात थे। मुन्ना ने कहा कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे नौरंगिया थाने की ओर से हम लोगों को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद हम लोग शनिवार की शाम समस्तीपुर पहुंचे। मुन्ना ने बताया कि हम लोगों के साथ बबलू की पत्नी सुनीता भी आई, वो अपने पति की लाश को देखते ही बेहोश हो गई। ASI बबलू के भाई ने और क्या-क्या बताया? ASI के परिवार में कौन-कौन था? बबलू का अंतिम संस्कार कब और कहां किया जाएगा? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले 3 तस्वीरें देखिए…
अब जानिए, सुसाइड करने वाले ASI के भाई ने क्या बताया? मुन्ना लाल बड़गरिया ने बताया कि हम लोग तीन भाई हैं। मैं सबसे बड़ा हूं और एनआईसी में काम करता हूं। बबलू दूसरे नंबर पर थे, जबकि तीसरा और सबसे छोटा भाई रेलवे में जॉब करता है। मुन्ना ने बताया कि हम लोगों के पिता का साल 2007 में निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद बबलू को साल 2009 में अनुकंपा पर नौकरी मिली थी। मुन्ना ने बताया कि बबलू समस्तीपुर के मोहिउद्ददीनगर में करीब ढाई सालों से पोस्टेड थे। उन्होंने कहा कि मेरा पूरा परिवार सभ्य परिवार है। अभी भी चाचा और हमलोंगों का परिवार एक साथ ही रहता है। एक चूल्हे पर खाना बनता है। परिवार में एकता है। बंटवारा भी नहीं हुआ है। परिवार में कोई परेशानी नहीं है, जिससे बबलू पर पारिवारिक टेंशन का सवाल ही नहीं उठता।
बबलू प्रकाश के चाचा बोले- हमें कुछ समझ नहीं आ रहा है मृतक ASI के चाचा ओम प्रकाश महतो ने बताया कि दिन के करीब 11 बजे थाना की ओर से सूचना दी गई। घर के लोग इधर-उधर थे। जमा होने में एक डेढ घंटे का समय लग गया। जिसके बाद शाम को समस्तीपुर पहुंचे हैं। हमें तो समझ ही नहीं आ रहा कि बबलू सुसाइड कैसे कर सकता है। घर में कोई परेशानी नहीं है। आर्थिक परेशानी भी नहीं है। बबलू की मां अभी जिंदा हैं। उन्हें पेंशन मिलता है। पत्नी शिक्षिका हैं। उसे क्या टेंशन था। इसे बारे में कभी नहीं बताया।
तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम ASI के शव को सदर अस्पताल के तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है। पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई है। डॉक्टरों की टीम ने सदर अस्पताल में उपाधीक्षक डॉ गिरीश कुमार, डॉ पीडी शर्मा व डॉ राजेश कुमार शामिल थे। करीब 45 मिनट पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चली। अभी डॉक्टरों ने अपनी फाइंडिंग नहीं दी है। इसमें दो- तीन दिनों को समय लग सकता है। टाउन थाना परिसर में रखा गया शव, पुलिस कर्मियों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर पोस्टमार्टम के बाद जमादार का पार्थिव शरीर को नगर थाना परिसर में रखा गया। जहां एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह के साथ ही पुलिस पदाधिकारियों ने उनके शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी। इस मौके पर एसपी के अलावा डीएसपी, इंस्पेक्टर व कई थानों के थानेदार शामिल हुए। बिहार पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित थे। गार्ड ऑफ आनर के बाद पुलिस वाहन से शव बगहा के लिए रवाना किया गया। उनका अंतिम संस्कार आज उनके पैत्रिक गांव में होगा। अनुकंपा पर मिली थी नौकरी, पत्नी टीचर बबलू कुमार प्रसादअपने पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर पुलिस की नौकरी में आए थे। पिता सूरज नारायण महतो पुलिस विभाग में थे। ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद अनुकंपा पर बबलू प्रसाद को नौकरी मिली। वो मूल रूप से पश्चिम चंपारण के बगहा के नौरंगिया थाना के कटइया गांव वार्ड -11 के रहने वाले थे। एक बेटा और बेटी है। पत्नी सुनीता देवी प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका हैं। गांव में ही पोस्टिंग है।
इन पॉइंट्स पर पुलिस कर रही जांच ट्रांसफर को लेकर परेशान थे: बबलू कुमार प्रसाद मोहिउद्दीन नगर में ढाई साल से पोस्टेड थे, हाल में उनका ट्रांसफर कल्याणपुर में डायल-112 पर हुआ था। अब तक उन्होंने यहां जॉइन नहीं किया था। इसे लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पारिवारिक कलह: बबलू कुमार प्रसाद की फैमिली बगहा में रहती थी। वो अकेले समस्तीपुर में रहते थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं उन्हें कोई पारिवारिक परेशानी तो नहीं थी। खाली कमरे में लटका मिला शव ASI बबलू कुमार प्रसाद मूल रूप से पश्चिम चंपारण जिले के बगहा के रहने वाले थे। परिवार वही रहता है। समस्तीपुर में वो अकेले ही रहते थे। थाना भवन के तीसरी मंजिल पर जिस कमरे से ASI का शव मिला, वो खाली पड़ा है। शनिवार सुबह साथी पुलिस वालों ने शव देखा। इसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई है। सूचना मिलते ही पटोरी के एसडीपीओ वीरेंद्र कुमार मेधावी और सर्किल इंस्पेक्टर पवन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। बबलू प्रसाद पिछले ढाई साल से मोहिउद्दीन नगर में 112 नंबर पर तैनात थे। हाल ही में इनका ट्रांसफर जिले के कल्याणपुर में डायल-112 पर हुआ था। हालांकि अभी इन्होंने कल्याणपुर में योगदान नहीं दिया था।


