
अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट
Araria News: बिहार के अररिया जिले के एक छोटे से गांव डुमरिया से निकले युवा गायक और संगीतकार आशुतोष कुमार झा आज बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. गांव की मिट्टी से मिली सीख और वर्षों की मेहनत के दम पर उन्होंने मुंबई तक का सफर तय किया. अब वह अपनी मातृभाषा मैथिली के लिए नया कदम बढ़ाते हुए आधुनिक गीत ‘मीठ-मीठ मैसेज’ लेकर आ रहे हैं. यह गीत रिलीज से पहले ही चर्चा में है और मिथिला के युवाओं में खास उत्सुकता देखी जा रही है.
डुमरिया की गलियों से मुंबई तक का प्रेरक सफर
अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड के डुमरिया गांव निवासी आशुतोष कुमार झा का सफर संघर्ष, समर्पण और प्रतिभा का उदाहरण है. साधारण परिवार से आने वाले आशुतोष ने अपनी मेहनत और संगीत के प्रति जुनून के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. आज वह बॉलीवुड संगीत जगत में लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं और अपनी अलग पहचान मजबूत कर रहे हैं.
उनके पिता भगवान झा और माता रानी झा ने हमेशा उनका उत्साह बढ़ाया. संगीत की पहली शिक्षा उन्हें अपने दादा और शिक्षक रहे वासुकीनाथ झा से मिली. बचपन से ही सुर और संगीत के प्रति उनका लगाव उन्हें बड़ी मंजिल की ओर ले गया.
हिंदू कॉलेज से पढ़ाई, फिर मिला बॉलीवुड का बड़ा मौका
आशुतोष ने प्रारंभिक शिक्षा गांव और फारबिसगंज में पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने संगीत की साधना भी जारी रखी.
उनके करियर का बड़ा मोड़ तब आया, जब प्रसिद्ध गायक और संगीतकार हिमेश रेशमिया ने उन्हें मौका दिया. उनके संगीत निर्देशन में गाया गया गीत ‘आरजू तेरी’ लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ. इस गीत ने आशुतोष को बॉलीवुड में नई पहचान दिलाई.
Araria News: लगातार दे रहे हैं हिट गीत, अब मैथिली संगीत पर खास फोकस
आशुतोष कुमार झा के कई गीत श्रोताओं के बीच पसंद किए गए हैं. इनमें ‘ओम नमः शिवाय’, ‘प्यार में आशिक’, ‘महावीर हनुमान’ और ‘पिया जी चितचोर’ जैसे गीत शामिल हैं. मधुर आवाज और नए संगीत प्रयोगों की वजह से वह युवा संगीतकारों की नई पीढ़ी में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.
अब उन्होंने अपनी मातृभाषा मैथिली को नई पहचान दिलाने का संकल्प लिया है. इसी कड़ी में उन्होंने आधुनिक संगीत के साथ तैयार किया गया नया मैथिली गीत ‘मीठ-मीठ मैसेज’ तैयार किया है.
‘मीठ-मीठ मैसेज’ को लेकर युवाओं में बढ़ी उत्सुकता
आशुतोष का कहना है कि नई पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ना बेहद जरूरी है. इसी सोच के साथ उन्होंने आधुनिक संगीत और मैथिली भाषा का मेल कर यह गीत तैयार किया है.
संगीत प्रेमियों को उम्मीद है कि ‘मीठ-मीठ मैसेज’ युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय होगा और मैथिली संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. सोशल मीडिया पर भी इस गीत को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है.
Araria News: मिथिला के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
डुमरिया जैसे छोटे गांव से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंचने वाले आशुतोष कुमार झा आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा, मेहनत और धैर्य के दम पर छोटे गांव से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है.
इसे भी पढ़ें: सुपौल-दरभंगा NH कॉरिडोर को मिली मंजूरी, मिथिलांचल और सीमांचल के बीच बनेगा नया हाईवे, इन जिलों को होगा फायदा
इसे भी पढ़ें: 3936 करोड़ की लागत से खगड़िया-पूर्णिया हाईवे बनेगा फोरलेन, सिर्फ 2 घंटे में पूरा होगा सफर

