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गुरुवार को गर्ल्स हाई स्कूल, अररिया में ‘सुरक्षित बचपन बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम हुआ। बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का विषय ‘बोलो, बचाओ और बताओ’ था। यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर चलाया जा रहा है। निशुल्क कानूनी मदद की जानकारी भी दी कार्यक्रम में जुडिशियल मजिस्ट्रेट सौम्या सिन्हा, चाइल्ड वेलफेयर कम्युनिटी के चेयरपर्सन दीपक कुमार वर्मा, प्रमानन्द मंडल, बबलू पाल और पीएलवी अधिकार अमर कुमार ने बच्चों को जागरूक किया। बच्चों को बताया गया कि परेशानी, दुर्व्यवहार या असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर चुप न रहें। अपनी बात अभिभावक, शिक्षक या संबंधित अधिकारियों को बताएं। उन्हें पोक्सो एक्ट और विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली निशुल्क कानूनी मदद की जानकारी भी दी गई। सुरक्षित और जिम्मेदार लाइफस्टाइल अपनाने के लिए किया मोटिवेट वक्ताओं ने कहा कि किसी परेशानी को छिपाने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति को बताना चाहिए। बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया गया और इससे दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने नशा नहीं करने और मोबाइल फोन का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करने की शपथ ली। उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। मौके पर मौजूद रहे कई लोग इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सीडब्ल्यूपीओ श्वेता कुमारी, एसआई और साइकोलॉजिस्ट शुभम कुमार ने भी बच्चों को जागरूक किया। कार्यक्रम में प्रकाश कुमार झा, प्रभारी प्रधानाध्यापक शौकत हयात, वरीय शिक्षक मधुकांत प्रसाद, जयकुमार मेहता, प्रीतम, नीलम परवीन, निसार अहमद, सत्यम कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं सहयोगी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें ऐसा माहौल देने के लिए प्रेरित करना था, जहां वे बिना डर के अपनी बात कह सकें और सुरक्षित बचपन की दिशा में आगे बढ़ सकें।
अररिया के स्कूल में बच्चों को सुरक्षा की जानकारी दी:पोक्सो एक्ट, कानूनी मदद और गलत बर्ताव के खिलाफ आवाज उठाने की अपील

