बिहार, पटना के निदेशक-सह-राज्य अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देश पर अररिया जिले में विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अररिया और फारबिसगंज अनुमंडल के अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों में अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। दर्जनों संस्थानों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट और भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार प्रसाद ने बताया कि जिन अस्पतालों और नर्सिंग होम का पहले ऑडिट हो चुका है, लेकिन उनमें पाई गई कमियों को अब तक दूर नहीं किया गया है, उन्हें बिहार अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2014 और नियमावली, 2021 के तहत अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 48 घंटे के भीतर इन कमियों का अनुपालन नहीं होता है, तो नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है। निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर जिन अस्पतालों का अभी तक ऑडिट नहीं हुआ है, उनका निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इन संस्थानों को कमियों में सुधार के लिए 15 दिनों की समय-सीमा दी जाएगी। आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सुविधा वाले अस्पतालों का ऑडिट सात दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सभी अस्पतालों के लिए विद्युत सुरक्षा प्रमाण-पत्र और विद्युत भार विश्लेषण रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी अनुपालन स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि भौतिक सत्यापन, फोटोग्राफ और पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के आधार पर जांच की जाएगी। समन्वय से मरीजों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाएगी किसी भी अस्पताल में गंभीर खतरा पाए जाने पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के समन्वय से मरीजों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाएगी। होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन संस्थानों के संचालकों को सात दिनों के भीतर एलपीजी सिलेंडरों, उनके भंडारण स्थल, उपयोग की स्थिति और संबंधित अनुमति पत्रों के साथ स्व-घोषणा पत्र देना होगा। साथ ही, निकास मार्ग, अग्निशामक यंत्र, अलार्म, हाइड्रेंट, पंप और आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था को हर समय क्रियाशील रखना अनिवार्य होगा। फायर एनओसी नहीं होने या उसकी अवधि समाप्त हो जाने की स्थिति में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। दोषी संस्थानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अररिया में अस्पतालों, होटलों की फायर सेफ्टी इंस्पेक्शन:लापरवाही पर 48 घंटे में सीलिंग, सख्त कार्रवाई के निर्देश
बिहार, पटना के निदेशक-सह-राज्य अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देश पर अररिया जिले में विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अररिया और फारबिसगंज अनुमंडल के अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों में अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। दर्जनों संस्थानों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट और भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार प्रसाद ने बताया कि जिन अस्पतालों और नर्सिंग होम का पहले ऑडिट हो चुका है, लेकिन उनमें पाई गई कमियों को अब तक दूर नहीं किया गया है, उन्हें बिहार अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2014 और नियमावली, 2021 के तहत अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 48 घंटे के भीतर इन कमियों का अनुपालन नहीं होता है, तो नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है। निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर जिन अस्पतालों का अभी तक ऑडिट नहीं हुआ है, उनका निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इन संस्थानों को कमियों में सुधार के लिए 15 दिनों की समय-सीमा दी जाएगी। आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सुविधा वाले अस्पतालों का ऑडिट सात दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सभी अस्पतालों के लिए विद्युत सुरक्षा प्रमाण-पत्र और विद्युत भार विश्लेषण रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी अनुपालन स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि भौतिक सत्यापन, फोटोग्राफ और पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के आधार पर जांच की जाएगी। समन्वय से मरीजों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाएगी किसी भी अस्पताल में गंभीर खतरा पाए जाने पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के समन्वय से मरीजों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाएगी। होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन संस्थानों के संचालकों को सात दिनों के भीतर एलपीजी सिलेंडरों, उनके भंडारण स्थल, उपयोग की स्थिति और संबंधित अनुमति पत्रों के साथ स्व-घोषणा पत्र देना होगा। साथ ही, निकास मार्ग, अग्निशामक यंत्र, अलार्म, हाइड्रेंट, पंप और आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था को हर समय क्रियाशील रखना अनिवार्य होगा। फायर एनओसी नहीं होने या उसकी अवधि समाप्त हो जाने की स्थिति में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। दोषी संस्थानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


