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अररिया में बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत कृषि वर्ष 2025-26 के लिए रबी गेहूं फसल कटनी प्रयोग का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने अररिया प्रखंड की गैयारी पंचायत के गैयारी राजस्व ग्राम में इस प्रयोग का जायजा लिया। इस दौरान प्रति हेक्टेयर उपज दर 17.46 क्विंटल अनुमानित की गई। यह प्रयोग प्रत्येक पंचायत में रैंडम पद्धति से चयनित ग्रामों और खेसरा में आयोजित होता है। सांख्यिकी विभाग की मानक प्रक्रिया के अनुसार, 10 मीटर x 5 मीटर यानी 50 वर्ग मीटर के आयताकार क्षेत्र में कटनी प्रयोग किया जाता है। प्राप्त उपज के आधार पर प्रति हेक्टेयर उपज दर का सटीक आकलन किया जाता है। योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के पदाधिकारियों द्वारा इन प्रयोगों का नियमित निरीक्षण किया जाता है। यह प्रयोग किसान मोहम्मद ताज उद्दीन (पिता: जहूर अली) के खेत में संपन्न हुआ। किसान सलाहकार मोहम्मद सूफीयान द्वारा संचालित इस कटनी प्रयोग में 50 वर्ग मीटर क्षेत्र से हरे दाने का वजन 8 किलोग्राम 730 ग्राम प्राप्त हुआ। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने निरीक्षण के दौरान फसल कटनी प्रयोग को योजना की सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि यह वैज्ञानिक पद्धति से उपज का सही आंकड़ा तैयार करता है, जिससे प्राकृतिक आपदा में प्रभावित किसानों को उचित एवं समयबद्ध सहायता मिल सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रयोग पूरी निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ संपन्न हों। बिना भेदभाव योजना का लाभ किसानों को मिले इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक (अल्पसंख्यक कल्याण), जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक सहित अनेक अधिकारी, कर्मी एवं स्थानीय किसान उपस्थित रहे। किसानों ने इस प्रयोग की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि सही आंकड़ों के आधार पर फसल सहायता योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचेगा। बिहार सरकार की यह योजना सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि जैसी आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

