Wednesday, June 17, 2026

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PCC सड़क निर्माण के नाम पर 4 लाख गायब:किशनगंज में मामला उजागर होते ही राशि किया वापस, DM ने जांच का दिया निर्देश


किशनगंज के ठाकुरगंज नगर पंचायत में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है। वार्ड संख्या 9 में पीसीसी सड़क निर्माण के लिए कागजों पर 4 लाख 4 हजार 425 रुपए की राशि निकाली गई, लेकिन मौके पर कोई सड़क नहीं मिली। यह मामला उजागर होने के बाद राशि वापस जमा कर दी गई है। हालांकि, इस गबन में शामिल अधिकारियों और संवेदक पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे स्थानीय प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ठाकुरगंज नगर पंचायत के वार्ड-9 में पीसीसी सड़क निर्माण का ठेका दिया गया था। संवेदक ने कागजों पर कार्य पूरा दिखाकर 4,04,425 रुपए का पूरा भुगतान प्राप्त कर लिया। बिल पास होने और राशि निकासी के सभी दस्तावेज तैयार थे। जनप्रतिनिधियों ने मौके पर की जांच हालांकि, जब स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर जांच की, तो वहां कोई सड़क नहीं मिली। न तो कोई निर्माण कार्य हुआ था और न ही किसी सामग्री का उपयोग किया गया था। पूरा इलाका अभी भी कच्चा है। पूर्व मुख्य पार्षद प्रमोद कुमार चौधरी ने इस अनियमितता की शिकायत की और प्रशासन से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से सड़क बननी चाहिए थी, लेकिन राशि का गबन कर लिया गया। कागजों पर सब कुछ सही दिखाया गया, जबकि हकीकत में कोई काम नहीं हुआ। मामला उजागर होने के बाद नगर पंचायत में हड़कंप मच गया। सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और संवेदक पर सीधे तौर पर गबन का आरोप लगा है। गबन की राशि वापस की जमा इस खुलासे के तुरंत बाद गबन की गई राशि वापस जमा कर दी गई। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल राशि वापस लेना पर्याप्त नहीं है। वे सवाल उठा रहे हैं कि गबन करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। पूर्व पार्षद प्रमोद चौधरी ने प्राथमिकी दर्ज करने में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि दोषी अधिकारी बच जाते हैं, तो ऐसे घोटाले बढ़ सकते हैं। ठाकुरगंज नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विकास कार्यों में अनियमितताएं आम बताई जाती हैं। इस मामले में राजनीतिक रंग भी चढ़ गया है। विपक्षी जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं कि स्वतंत्र जांच कराई जाए।

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