बकरीद पर्व को लेकर अररिया शहर के बाजार समिति मुख्य गेट और एनएच 327 ई के समीप स्थित पशु हटिया में बुधवार को भारी चहल-पहल देखी गई। सुबह से ही हटिया में खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही, जो अच्छी नस्ल के बकरों की तलाश में जुटे थे। इस दौरान ‘नवाब’ नाम का एक बकरा विशेष चर्चा का विषय बना रहा। उसके मालिक दाऊद आलम उसे लेकर हटिया पहुंचे थे। दाऊद ने बताया कि यह बकरा उनके बेटे जैसा था और वे उसके साथ खेलना, उसे दाना-पानी देना अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानते थे। ‘नवाब’ की कीमत 25 हजार रुपये बताई
भावुक दाऊद ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि त्यौहार और घरेलू खर्चों के कारण उन्हें इसे बेचना पड़ रहा है। उन्होंने ‘नवाब’ की कीमत 25 हजार रुपये बताई। आसपास खड़े कई खरीदार इस बकरे को देखने के लिए उमड़ पड़े और दाऊद की भावुकता देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं। पशु हाट के मालिक प्रदीप भगत ने बताया कि इस बार बकरीद को लेकर बाजार में अच्छी खरीदारी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि बुधवार को लगभग 300 से 350 बकरों की बिक्री हुई और सुबह से शाम तक बाजार में रौनक बनी रही। भगत के अनुसार, अच्छी नस्ल और स्वस्थ बकरों की मांग अधिक रही। हटिया में बकरों की कीमत 8 हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक थी। बड़े आकार वाले बकरों को प्राथमिकता दे रहे थे
खरीदार मुख्य रूप से मोटे और बड़े आकार वाले बकरों को प्राथमिकता दे रहे थे। अररिया जिले के विभिन्न इलाकों से लोग यहां बकरीद की तैयारी के लिए पहुंचे थे। दाऊद आलम जैसे कई पशुपालक अपने बकरों से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं, लेकिन आर्थिक मजबूरियों के चलते उन्हें बेचने को विवश होना पड़ता है। बकरीद का त्योहार जहां खुशियां लाता है, वहीं कई परिवारों के लिए यह आर्थिक चुनौती भी बन जाता है। इस बार अररिया पशु हटिया बकरीद की तैयारियों का एक प्रमुख केंद्र रहा, जहां खुशी के साथ-साथ कुछ भावुक क्षण भी देखने को मिले।


