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संयुक्त बिहार के बहुचर्चित अलकतरा घोटाले में शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश योगेश कुमार ने भ्रष्टाचार और सरकारी राशि के गबन के दोषी मेसर्स विनय कुमार सिन्हा (ट्रांसपोर्टर) सहित चार लोगों को 3-3 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। । सीबीआई ने 1997 में मामला दर्ज किया था। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर 154 मैट्रिक टन अलकतरा का गबन किया और सरकारी खजाने को 9.38 लाख का चूना लगाया। 1994 में हजारीबाग की सड़कों की मरम्मत के लिए कोलकाता स्थित हल्दिया ऑयल रिफाइनरी से अलकतरा मंगाया गया था। रिफाइनरी से अलकतरा निकला तो सही, लेकिन वह हजारीबाग पहुंचा ही नहीं। सबूतों के अभाव में तीन अफसर बरी किए गए मामले में ट्रांसपोर्टर विनय कुमार सिन्हा, आशीष मैती, राज कुमार राय और रंजन प्रधान को दोषी पाया गया। वहीं साक्ष्यों के अभाव में तत्कालीन अधिकारी नवीन चंद्र प्रसाद, सुरेश कुमार दास और एसएम औरंगजेब को अदालत ने बरी कर दिया। इसके अलावा सुनवाई के दौरान ही दो अन्य आरोपियों मो. इशाक और बीपी गुप्ता की मौत हो गई।


