अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भागलपुर इकाई ने गुरुवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में इंटर्नशिप के नाम पर छात्र-छात्राओं से अवैध शुल्क वसूली के विरोध में विश्वविद्यालय बंद कराया। परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि विभिन्न महाविद्यालयों में इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से ₹500 से लेकर ₹950 तक की राशि वसूली जा रही है, जबकि इंटर्नशिप का शुल्क पहले से ही नामांकन प्रक्रिया में शामिल रहता है। परिषद ने इसे छात्रों का आर्थिक शोषण बताते हुए तत्काल बंद करने की मांग की। आंदोलन की दी चेतावनी विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कई कॉलेजों में इंटर्नशिप के नाम पर अलग-अलग शुल्क लिए जा रहे हैं, जिससे पूरे मामले में बड़े आर्थिक खेल और भ्रष्टाचार की आशंका उत्पन्न हो रही है। परिषद का कहना है कि इंटर्नशिप एक शैक्षणिक प्रक्रिया है और इसके लिए अलग से शुल्क लेना नियमसंगत नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस व्यवस्था को पूरी तरह निशुल्क करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इंटर्नशिप प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए परिषद ने एसएम कॉलेज में इंटर्नशिप प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। परिषद के नेताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज में अत्यधिक जल्दबाजी में इंटर्नशिप कराई गई, जिससे कई संदेह उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) किया गया, उसका आधार क्या था और किस प्रक्रिया के तहत यह समझौता हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय ने कहा कि “छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंटर्नशिप शिक्षा का हिस्सा है और इसके नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलना पूरी तरह गलत है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अविलंब इस पर रोक लगानी चाहिए।
परिषद छात्रहित में लगातार संघर्ष करती रहेगी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने कहा कि “यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ठोस निर्णय नहीं लेता है, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगी। परिषद छात्रहित में लगातार संघर्ष करती रहेगी और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा। इस अवसर पर जिला संयोजक सूर्य प्रताप, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशन सोनी, ऋषि, हर्ष, राजा यादव, अमन रॉय, निधि प्रिया, शिवम तिवारी, शिव सागर लक्ष्मण, सूरज, पीयूष द्विवेदी, वैभव, हिमांशु, आशीष सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


