देश के जवानों ने लोकतंत्र के महापर्व चुनाव में मतदान को महादान बताया। कहा, हर किसी को मतदान का अधिकार है। उन्हें इसका प्राथमिकता के साथ प्रयोग करना चाहिए। तभी लोकतंत्र के साथ हम भी मजबूत होंगे। सरकार…
देश के जवानों ने लोकतंत्र के महापर्व चुनाव में मतदान को महादान बताया। कहा, हर किसी को मतदान का अधिकार है। उन्हें इसका प्राथमिकता के साथ प्रयोग करना चाहिए। तभी लोकतंत्र के साथ हम भी मजबूत होंगे। सरकार जिस भी राजनीतिक दल की बने, उन्हें चाहिए कि धर्म, जाति व क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर देश का विकास करे। लोगों की मूलभूत समस्याओं को पूरा करने के साथ ही देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा को मजबूत करे।
पहड़िया स्थित सीआरपीएफ की 95बीं बटालियन में गुरुवार को हिन्दुस्तान के संवाद कार्यक्रम आओ राजनीति करें में जवानों ने भी नेताओं के चुनाव के प्रति सजगता दिखाई। कहा, सरकार उन्हीं दलों की बननी चाहिए जो बुनियादी सुविधा के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं। ताकि देश से बेरोजगारी को दूर किया जा सके। उन्होंने संविधान के अनुरूप काम करने, जो नियम बने उसे पालन कराने, उद्योग बढ़ाने, ग्रामीण स्तर पर विकास करने आदि पर जोर दिया। इस दौरान कमांडेंट नरेंद्र पाल सिंह ने जवानों को मतदान करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर केडी शाह, अनिल कुमार भारद्वाज, प्रतीक कुमार सिंह, विशेष सिंह, जितेंद्र कुमार वर्मा, ख्वाजुद्दीन, धनंजय, जितेंद्र यादव, यदवीर सिंह मीना, मनोज कुमार राय, राम विशाल, प्रेमप्रकाश राजभर, प्रज्ञानंद चौबे आदि जवान रहे।
बिकलांग मतदाताओं मिले सुविधा
जवानों ने कहा कि मतदान केंद्र दूर न बने। इससे मतदाताओं को दिक्कत होती है। खासकर विकलांग व बुजुर्गों को काफी दिक्कत होती है।
मिले सम्मान, पेंशन हो लागू
जवानों ने आने वाली सरकार से मांग की कि पुरानी पेंशन को बहाल की जाए। एक शहीद को जो सम्मान मिलना चाहिए, वह मिले। सरकार देश के साथ ही आंतरिक सुरक्षा को बढ़ाए। जवानों को अत्याधुनिक हथियार मिले और फोर्स के बीच भेदभाव न रखा जाए।
महिलाओं की हो सुरक्षा
जवानों ने महिलाओं की सुरक्षा पर भी जोर दिया। कहा, इनकी भागीदारी से समाज व देश चलता है। इसलिए इनकी सुरक्षा जरूरी है। इनके साथ होने वाली घटनाओं को रोकने के साथ ही आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई हो।
पर्यावरण प्रदूषण को भी बनाएं मुद्दा
वैश्विक समस्या बन चुके पर्यावरण प्रदूषण को भी चुनावी मुद्दा बनाने की आज जरूरत है। इसकी चिंता हम सभी को करनी होगी। सरकार विकास के साथ पर्यावरण का भी संरक्षण करे। इसके लिए बने नियम को कड़ाई से पालन कराए।
देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा की नीति को कड़ाई से लागू की जाए। राजनीतिक दल भेदभाव से ऊपर उठकर सबका विकास करें।
नरेंद्र पाल सिंह, कमांडेंट
हमें मतदान तात्कालिक लाभ को देखकर नहीं करना चाहिए। पर्यावरण व प्रदूषण जैसी समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाए। राजनीतिक दल इसके संरक्षण का वादा करें।
चंद्रभूषण तिवारी, सहायक कमांडेंट
हमेशा से महिलाओं के अधिकारों को गंभीरता नहीं लिया जाता है। उनको आरक्षण देने का मामला दशकों से संसद में लटका है। उनकी सुरक्षा दी जाए, तभी वह स्वतंत्र होकर काम कर सकती हैं।
अनाहिता, सहायक कमांडेंट
ग्रामीण क्षेत्रों का विकास जरूरी है। वहां रोजगार, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाए तो शहरों पर बढ़ते दबाव को कम कर सकते हैं।
हरिओम सागर, द्वितीय कमान अधिकारी
लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर काम करने की जरूरत है। तभी हर किसी का विकास होगा।
अजय द्विवेदी, द्वितीय कमान अधिकारी
संविधान के दायरे में कोई भी कार्य हो तो देश में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आएगी। विकास भी होगा।
प्रदीप सिंह, एसआई
महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए। उनको ट्रेन, बस आदि में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
सबीर खान, एएसआई
स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली व पानी सबको उपलब्ध कराने की जरूरत है। विद्यालय व अस्पताल खोले जाएं। दवाएं सस्ती हों।
प्रकाशचंद्र, एएसआई
देश में समानता आएगी, तभी विकास होगा। इसके लिए राजनीतिक दल बिना किसी भेदभाव के विकास करें।
अमित यादव, जवान
सबको रोजगार मिलना चाहिए। इसके लिए रोजगार सृजन करने की जरूरत है। तभी देश से बेरोजागारी को दूर होगी।
नूर आलम, जवान
विकास पर्यावरण के अनुकूल होना चाहिए। क्योंकि ऐसे विकास से क्या फायदा है जिससे पर्यावरण मे प्रदूषण बढ़ता हो।
जीडी गणेश, जवान

