किसी भी समाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे होते हैं जो विकास के लिए जरूरी हैं और जनता चाहती है कि उनके नेता उन मुद्दों को न सिर्फ चुनावी वादा के रूप में पेश करे, बल्कि उसपर ईमानदारी के साथ काम भी करे।…
किसी भी समाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे होते हैं जो विकास के लिए जरूरी हैं और जनता चाहती है कि उनके नेता उन मुद्दों को न सिर्फ चुनावी वादा के रूप में पेश करे, बल्कि उसपर ईमानदारी के साथ काम भी करे। इससे जनता को फायदा होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, नागरिक सुविधा और रोजगार ऐसे ही मुद्दे हैं।
शुक्रवार को हिन्दुस्तान द्वारा आयोजित आओ राजनीति करें अब नारी की बारी का पड़ाव जीरोमाइल स्थित ज्योति विहार कॉलोनी में था, जहां महिलाओं ने खुलकर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने कहा कि चुनाव के समय नेता कई दावे और वादे करते हैं पर जीतने के बाद उन वादों पर अमल करने की इच्छाशक्ति नेताओं में नहीं दिखती। फिर जब अगला चुनाव आता है तो फिर से उसी तरह के वादे किये जाते हैं।
कविता ने कहा कि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि चुनाव के समय नेता जो वादे करते हैं अगले पांच साल में उसे पूरा नहीं कर पाते। ऐसे में हमें सतर्क रहना होगा। जो कही बातों पर अमल कर सके उन्हें वोट देना होगा। हमारे वोट का महत्व है उसे बर्बाद नहीं होने देंगे।
दुर्गा के मुताबिक, जनता को ठगने वाले नेता से हमें सावधान रहना होगा। अब हर मुद्दे पर विकास का मुद्दा भारी है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जो विकास के कार्य करेगा हमारा नेता वैसा ही होगा। हम उन्हें जरूर वोट देकर जीत दिलाएंगे।
गुंजा का मानना है कि लॉ एंड ऑर्डर बड़ा मुद्दा है। हम अपने नेता से चाहेंगे कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो पर वे लॉ एंड ऑर्डर को लेकर अधिकारियों से हमेशा संपर्क में रहें और इसे बेहतर बनाये रखें। इससे हम खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे।
शैलजा के मुताबिक महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार अहम मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर ईमानदारी से कार्य करने वाले नेता को ही हम चुनेंगे। अभी भी स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी पिछड़ापन दिखता है, जिसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ता है।
ममता ने कहा कि जनता के लिए नागरिक सुविधा जरूरी है। सड़क, नाला, पानी और बिजली की सुविधा को बेहतर करने की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। इसमें किसी प्रकार की कमी हमारे रोज के कामकाज को प्रभावित करता है।
लक्ष्मी के अनुसार, महिलाओं और छोटी लड़कियों से छेड़खानी के अलावा लूट और डकैती जैसी घटनाओं पर रोक नहीं लग सकी है। महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। अगर हम सुरक्षित ही नहीं रहेंगे तो सारी बातें बेकार होंगी


