‘हिन्दुस्तान’ के लोकप्रिय अभियान ‘आओ राजनीति करें’ के तहत शुक्रवार को गुरुग्राम कार्यालय में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार और इससे संबंधित कार्यों से जुड़े लोगों ने अपने मुद्दे…
‘हिन्दुस्तान’ के लोकप्रिय अभियान ‘आओ राजनीति करें’ के तहत शुक्रवार को गुरुग्राम कार्यालय में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार और इससे संबंधित कार्यों से जुड़े लोगों ने अपने मुद्दे मुखर होकर रखे। संवाद में शामिल बिजनेस जगत के लोगों ने सरकार के कुछ कामों की तारीफ की तो कुछ पर सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल कामकाज को और बढ़ाया जाना चाहिए, इतना ही नहीं जनप्रतिनिधि समय-समय पर उनकी समस्याएं भी सुनें।
पानी और बिजली की दिक्कत बरकरार
उद्योग विहार में स्थित आईटी कंपनी नगारो में सीएफओ नीरज छिब्बा ने कहा कि शहर की आबोहवा को ठीक करने के साथ-साथ बेहतर माहौल की सख्त जरूरत है। उन्होंने बताया कि कंपनी 2001 में दिल्ली से गुरुग्राम आई थी, लेकिन हवा-पानी और बिजली की दिक्कत बरकरार हैं। चीजें बढ़ रही हैं लेकिन समस्याएं भी बनी हुईं हैं। उन्होंने कहा कि जब सुविधाएं होंगी तो यह शहर व्यापार करने वालों की पहली पसंद बनेगा।
शहर की प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट फर्म ओम स्वीट्स के महाप्रबंधक ऑपरेशन रजनीश पुरी ने संवाद में सड़कों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में तो यहां बुरा-हाल हो जाता है। उन्होंने सेक्टर-37 क्षेत्र का खासतौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यहां इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की जरूरत है। शहर में रहना जितना आसान होगा उतना ही व्यापार करना आसान होगा। उन्होंने कहा विकास कार्य गुणवत्ता को ध्यान में रखकर कराए जाएं तो अच्छा होगा।
नीति अच्छी, क्रियान्वयन कमजोर
आईआईएम कोलकाता से पढ़ाई फिर नौकरी अब सोलर क्षेत्र में काम करने के लिए आगे आए अभिषेक डबास ने कहा कि सरकार की नीति अच्छी है, लेकिन क्रियान्वयन कमजोर है। उन्होंने कहा कि सरकार निगरानी की भूमिका अधिक रहे और देखे कि कितनी प्रगति हुई। उन्होंने कहा दिल्ली में बिजली प्राइवेट है तो वहां के नतीजे दूसरे हैं, हरियाणा में सरकार के हाथों में तो डीएचबीवीएन का काम सुस्त है। उन्होंने कहा कि वक्त के हिसाब से सरकार को विभागों की कार्य क्षमता बढ़ानी पड़ेगी ताकि वे निजी क्षेत्र के साथ कदमताल कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जब देरी होती है तो पूरी चीजें अटक जाती हैं।
देश के पहले हायब्रिड ई-डिस्ट्रिब्यूशन पोर्टल बी टू बी अड्डा और डिटेल इंडिया के एमडी योगेश भाटिया ने कहा कि गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता खराब होने से इसकी छवि पर असर पड़ता है। शहर की छवि दुनिया में बिगड़ती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा धौलाकुआं से उद्योग विहार आना चुनौतीपूर्ण है। खासकर उद्योग विहार के कट पर भारी जाम लगता है। इन चीजों से इस क्षेत्र में कार्यरत लोग तो प्रभावित होते ही हैं, साथ ही बिजनेस हब सेंटर में आने वाले व्यक्ति भी ऐसे स्थानों को चुनने से बचते हैं। ट्रैफिक को स्मूथ बनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को समय बर्बाद न हो। भाटिया ने कहा कि अफोर्डेबल सेक्टर में काम करने वालों को सरकार की तरफ से प्रोत्साहन मिलना चाहिए, वो टैक्स छूट के तौर पर या फिर कम जीएसटी के तौर हो।
सतत विकास पर ध्यान दिया जाए
आर्किटेक्ट बिजनेसमैन आशीष कपूर ने जहरीली आबोहवा और घटती हरियाली के विषय को उठाया। उन्होंने कहा कि शहर के सतत और सही विकास के तरफ ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर का सुनियोजित विकास नहीं हो रहा है। कपूर ने कहा कि सरकार ने काम किए लेकिन अपने वादे पूरे करने में भी उन्हें साढ़े तीन साल और चार साल लग गए।
वहीं, महिलाओं के लिए एथनिक अपैरल ब्रांड असीशा के जरिए रिटेल बिजनेस शुरू करने वाली साक्षी जैन ने कहा कि परिवहन के साधनों को बढ़ाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस शहर में अंतिम छोर तक जाना काफी मुश्किल है। साइकिल से और पैदल चलना तो संभव ही नहीं है।
किफायती मकानों को प्रोत्साहित किया जाए
सस्ते घरों को बनाने वाली फर्म सिग्नेचर ग्लोबल के सीएमडी प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि गुरुग्राम एक ऐसा शहर है जो आगे चलकर और विकसित होगा। उन्होंने कहा कि यहां अफोर्डेबल हाउसिंग की बहुत जरूरत है। उसे और प्रमोट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा सरकार और बिल्डर दोनों पक्षों में पर चीजें सुधरी हैं, लेकिन तेजी से काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस मद का पैसा है उसी पर खर्च होना चाहिए। अग्रवाल ने कहा पूर्व में ऐसी चीजें नहीं हुई। इससे शहर के विकास पर असर पड़ा।
आर्किटेक्ट अपर्णा कपूर ने कहा कि इंदौर जब बेहतर कर सकता है तो गुरुग्राम क्यों नहीं? उन्होंने कहा वे खुद इंदौर से हैं, लेकिन यहां पर नियम लागू नहीं होते। इंफोर्समेंट की भारी कमी है। द व्हिस्की बार एंड ब्रू पब के मालिक विकास गोयल ने कहा कि शहर में मनोरंजन इंडस्ट्री की ग्रोथ के लिए सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं की कमी से व्यापार प्रभावित होता है।
सदर बाजार के प्रधान बबलू गुप्ता ने कहा कि व्यापारी सभी प्रकार के टैक्स चुकाते हैं लेकिन उन्हें बदले में सुविधाएं नहीं मिलती हैं। उन्होंने कहा कि 75 फीसदी शहर अनाधिकृत बसा हुआ है। शिक्षा-स्वास्थ्य दोनों महंगे हैं गरीब आदमी इस शहर में रह ही नहीं सकता। अगर रह रहा है तो बीमार होने पर इलाज नहीं करवा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी को पेंशन दी जानी चाहिए।
ऑनलाइन हो कामों की निगरानी
आईटी कंपनी नगारो में सीएफओ नीरज छिब्बा ने सुझाव दिया कि शहर में जितने प्रोजेक्ट हैं उनकी ऑनलाइन मॉनीटरिंग होनी चाहिए। काम कब शुरू हुआ और कितना काम हुआ। कितने धनराशि खर्च हो रही है। यह काम कब पूरा होगा? इस तरह का पोर्टल बने। जिसे हर कोई देख सके। चीजों की समयबद्ध तरीके से डिलीवरी सुनिश्चित की जानी चाहिए।


