आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से मंगलवार को ‘आओ राजनीति करें’अभियान के तहत कांवली रोड पर चाय चौपाल का आयोजन किया। ‘अब नारी की बारी’ विषय पर आयोजित चौपाल में…
आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से मंगलवार को ‘आओ राजनीति करें’अभियान के तहत कांवली रोड पर चाय चौपाल का आयोजन किया। ‘अब नारी की बारी’ विषय पर आयोजित चौपाल में महिलाओं के विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में मौका देने की वकालत की गई।
कांवली रोड में मुस्लिम सेवा संगठन के सहयोग से मंगलवार को चाय चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। कहा कि किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों से कम नहीं है। हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा दिखाई है। इसी तरह राजनीति में भी महिलाओं को मौका दिया जाए। महिलाओं के विकास के लिए सरकार को ठोस नीतियां बनानी चाहिए। महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। इस दौरान मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी, संगठन के उपाध्यक्ष सद्दाम कुरैशी, वसीम अहमद, आसिफ कुरैशी, मुफ्ती ताहिर कासमी, मोहम्मद आसिफ, रमीज राजा, शमीम, रानी कुरैशी, संजीदा, मल्लिका कुरैशी, एमएन कुरैशी, असलम खान और मोहम्मद महताब कुरैशी आदि मौजूद रहे।
महिलाओं की सुरक्षा को कड़े कदम उठाने होंगे
देहरादून। चाय चौपाल में महिलाओं एवं युवाओं ने महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। युवा रमीज राजा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकारों को कड़े कदम उठाने होंगे। एमएन कुरैशी ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के विकल्प उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है।
महिलाओं को भी वोट की अहमियत समझनी होगी
महिलाओं को भी वोट की अहमियत समझनी होगी। लोकतंत्र में एक-एक वोट का महत्व है। सभी लोगों को वोट करना चाहिए। जागरूकता कार्यक्रम चलाने चाहिए।
संजीदा, गृहणी
नेता को जनता की परेशानी में साथ खड़ा रहना चाहिए
औरतों के हकहकूक की लड़ाई लड़ने वाला प्रत्याशी होना चाहिए। नेता को जनता की परेशानी में साथ खड़ा रहना चाहिए। नेता जरूरतमंद की मदद करने वाला हो।
मुफ्ती ताहिर कासमी
युवाओं के बारे में सोचने वाला होना चाहिए प्रत्याशी
लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी ऐसा हो जो युवाओं के बारे में सोचता हो। युवाओं के लिए काम करता हो। युवाओं के लिए रोजगार के लिए गंभीर हो। युवा हित में काम करने वाला प्रत्याशी चुनना होगा।
सद्दाम
महिलाओं को आम चुनाव में पचास फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए
जब घर को महिला आसानी से चला सकती है। तो राजनीति में उनको मौके क्यों नहीं दिये जाते। उनके लिए 50 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिये। छात्राओं के लिए स्वरोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए।
मल्लिका कुरैशी, छात्रा
पार्टी को देखकर नहीं चेहरे को देखकर वोट करें
पार्टी को देखकर नहीं चेहरे को देखकर वोट दें। ऐसे नेता को वोट देना चाहिये, जो भाईचारा कायम करता हो। मजहब के नाम पर नफरत फैलाने वाले को वोट की ताकत का अहसास कराएं।
नईम कुरैशी, अध्यक्ष मुस्लिम सेवा संगठन
महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए ठोस नीति बनाए सरकार
महिलाओं को सक्षम बनाने की जरूरत है। सरकार महिलाओं के लिए ठोस नीति बनाएं। उनको स्वरोजगार दिया जाए। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होगी तभी वह राजनीति में आगे आएगी।
वसीम, युवा
लोकसभा चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। लोकतंत्र में सभी को वोट देने का अधिकार है। योग्य और कर्मठ नेता का चुनाव तभी होगा जब सभी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। ऐसे नेता को वोट देना चाहिये जो भेदभाव न करता हो।
शमीम, गृहणी
आज देश में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं है। उन्हें उनके अधिकारों के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती है। महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कानून तो बना दिये गये हैं, लेकिन उन पर अमल न होकर राजनीतिक रोटियां ज्यादा सेकी जाती हैं।
रानी कुरैशी, गृहणी
मेरा वोट मेरी जिम्मेदारी शपथ लें, वोट करें-


