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गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत भरकट्टा ओपी थाना क्षेत्र के तुलाडीह गांव में मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई। इस घटना में सात घर पूरी तरह जलकर राख हो गए, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। अग्निकांड में घरों में रखा सारा सामान नष्ट हो गया। बुधवार को घटनास्थल पर जले हुए घरों के अवशेष और राख के ढेर दिखाई दिए। पीड़ित शक्तिनाथ ठाकुर और चिंता देवी ने बताया कि उनका पुराना घर, जिसमें हाल ही में नया छप्पर लगाया गया था, पूरी तरह जल गया। चूल्हे पर खाना बनाने के दौरान आग लगी
घर में रखा चावल, जमीन के महत्वपूर्ण कागजात, बच्चों की कॉपी-किताबें और कुछ नगदी भी आग की भेंट चढ़ गए। उन्होंने आशंका जताई कि चूल्हे पर खाना बनाने के दौरान आग लगी, जो तेजी से फैल गई। बासुदेव ठाकुर ने जानकारी दी कि उनके किराएदार बिनय राम का भी सब कुछ जल गया। इसमें कॉपी-किताब, खटिया, बर्तन, गैस चूल्हा और कपड़े शामिल हैं। घर में रखी गाय के लिए चारा भी पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे मवेशियों के पालन में समस्या आ रही है। पीड़ितों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है, ताकि वे अपने जीवन को दोबारा व्यवस्थित कर सकें। स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार सेठ ने इस घटना को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रखंड स्तर पर दमकल वाहन की व्यवस्था होती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। उन्होंने मांग की कि हर प्रखंड या अनुमंडल स्तर पर दमकल वाहन की तैनाती की जाए। प्रभावित परिवार को अनाज और तिरपाल दिया गया
इधर, गांव के जनप्रतिनिधि राजकुमार नारायण सिंह ने बताया कि इस अगलगी की घटना में सभी प्रभावित परिवारों का भारी नुकसान हुआ है। सूचना मिलने के बाद बिरनी के अंचल अधिकारी संदीप कुमार मधेसिया मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से तत्काल राहत के तहत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50 किलो अनाज और तिरपाल उपलब्ध कराया गया है, ताकि वे अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कर सकें। फिलहाल सभी प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गांव में इस घटना के बाद गहरा दुख और चिंता का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा, पुनर्वास और स्थायी सहायता की मांग की है, ताकि वे फिर से अपने जीवन को पटरी पर ला सकें। इस मामले में बिरनी के अंचल अधिकारी संदीप कुमार मधेसिया ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वे बुधवार सुबह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। राहत के रूप में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50-50 किलो अनाज उपलब्ध कराया गया है। साथ ही तिरपाल की व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है, जो गिरिडीह से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।


