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भास्कर न्यूज | गिरिडीह अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के आह्वान पर को प्रतिवाद दिवस मनाते हुए पेंशनरों ने केंद्र सरकार से अपनी 8 सूत्री मांगों को पूरा करने की अपील की। मुख्य मांगों में 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में पुराने पेंशनरों के पेंशन भत्तों के पुनरीक्षण को शामिल करना प्रमुख है। गिरिडीह जिले में पेंशनभोगियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन सौंपने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। यह ज्ञापन उपायुक्त, गिरिडीह के माध्यम से भेजा जाएगा। अभियान की शुरुआत गुरुवार को शहर के अलकापुरी चौक स्थित दुर्गा मंडप प्रांगण से पेंशनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बी अगस्त क्रांति, कुमार शर्मा और शंकर कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में की गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि हर वेतन आयोग में पेंशन संशोधन होता रहा है, लेकिन 8वें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है। विशेषकर जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों में चिंता बढ़ी है। महासंघ द्वारा जारी श्वेत पत्र में वेलिडेशन एक्ट- मार्च 2025 में पेंशन अधिकार के स्थान पर कृपा शब्द के प्रयोग पर भी आपत्ति जताई गई है। अन्य मांगों में कोरोना काल के 18 माह के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान, 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर अतिरिक्त पेंशन, पेंशन राशिकरण अवधि 15 से घटाकर 11 वर्ष करना तथा ट्रेन व हवाई यात्रा में 50 प्रतिशत छूट शामिल हैं। अभियान में गोविंद पांडेय, गणेश प्रसाद विश्वकर्मा, रामानंद सिंह, शिवशंकर प्रसाद यादव, जगदीश प्रसाद वर्मा, बासुदेव साहु, रामनारायण वर्मा, सुरेश प्रसाद साहू, जानकी तुरी, अर्जुन रविदास, सुरेन्द्र राय, बासुदेव महताब, शिवनारायण मिश्र और जीतलाल पांडेय उपस्थित रहे।


