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भागलपुर में आर्मी जवान के घर डकैती मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जिसमें तीन मुख्य अपराधी, हथियार सप्लायर, लूट के आभूषण खरीदने वाले 2 ज्वेलर्स शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 52 ग्राम सोने के गहने, 53 हजार कैश, देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और छह मोबाइल बरामद हुए हैं। एक आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के गणेशीबाग की है। जांच के लिए एसआईटी का गठन एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि 9 जुलाई को आर्मी जवान रवि शंकर के घर हथियारबंद नकाबपोश अपराधियों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। हथियार का भय दिखाकर रवि शंकर की पत्नी नीलू देवी को बंधक बना लिया। इसके बाद घर में रखे सोने के आभूषण, कैश, मोबाइल सहित अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी-02 राकेश के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया। इसमें स्थानीय थाना, डीआईयू और तकनीकी टीम शामिल थी। सिटी एसपी अतुलेश झा इसकी निगरानी कर थे। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं का विश्लेषण किया।
वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में सफल रही। 2 ज्वेलर्स को भी पकड़ा पूछताछ और छापेमारी के दौरान डकैती में शामिल तीन मुख्य आरोपी सज्जन कुमार, अजय कुमार उर्फ छोटू और अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल कट्टा मिथुन कुमार मंडल ने किराए पर लिया था, जबकि हथियार उपलब्ध कराने वाला बिट्टू कुमार था। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। डकैती के बाद लूटे गए सोने के आभूषणों को बेचने की साजिश का भी खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में मथुरापुर के ज्वेलर्स सूरज साह और केबी लाल रोडनाथनगर निवासी संतोष कुमार साह को पकड़ा। इनके पास से लूटे गए जेवरात बरामद किए गए।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार ने लगभग 50 से 60 हजार नकद लूटे जाने की जानकारी दी थी। बरामद मोबाइल की तकनीकी जांच की जा रही है। आरोपियों की चैटिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तार सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो चुकी है। पूछताछ के आधार पर यह ता लगाया जा रहा है कि कहीं इस गिरोह ने जिले या आसपास के क्षेत्रों में अन्य आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम तो नहीं दिया है। इस मामले में एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी पहचान हो चुकी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

