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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना नगर निगम की ओर से आवासीय मकानों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जारी नोटिस के समाधान के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी करेंगे। वहीं, समिति में नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश कुमार मिश्रा को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और विधान पार्षद संजय कुमार सिंह सदस्य होंगे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करके ज्ञापन सौंपा ये समिति नगर निगम की ओर से जारी नोटिस से जुड़े पूरे मामले का अध्ययन करेगी। इसके बाद व्यावहारिक और जनहितकारी समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पटना नगर निगम द्वारा जारी नोटिस को लेकर लोगों की समस्याओं और आपत्तियों के समाधान के लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, श्याम रजक और संजय गुप्ता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम की कार्रवाई से जुड़े मामलों को मुख्यमंत्री के सामने रखा और समाधान की मांग की। 26 हजार से अधिक मकानों को नोटिस नगर निगम ने शहर के सभी छह अंचलों में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान की है। इसके आधार पर 26,745 मकान मालिकों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। निगम ने प्रत्येक वार्ड में रोजाना 100 से अधिक नोटिस भेजने का लक्ष्य रखा है। नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में मकान मालिकों और कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई है। कोर्ट में पेश रिपोर्ट में पटना में आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल के 26,745 मामले सामने आने की जानकारी दी गई थी। कोर्ट ने इतनी बड़ी संख्या को अधिकारियों की लापरवाही का संकेत माना था।
