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भास्कर न्यूज| सरायकेला सरायकेला-राजनगर मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क की धीमी रफ्तार, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से परेशान शासान गांव के ग्रामीणों का आक्रोश शनिवार को फूट पड़ा। धूल से राहत, नियमित पानी के छिड़काव की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया। करीब 18 घंटे तक चले इस आंदोलन के कारण सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। रविवार दोपहर बाद आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने जाम हटाया। ग्रामीणों के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मार्ग पर सड़क मरम्मत, निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। दूसरी ओर इस मार्ग से लगातार भारी वाहनों का आवागमन जारी है। ऐसे में सड़क से उठने वाली धूल आसपास के घरों तक पहुंच रही है। इससे शासान समेत आसपास के गांव के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क से गुजरते वाहनों के साथ उठने वाली धूल के गुब्बार से ग्रामीणों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने शनिवार शाम से सड़क पर विरोध करना शुरू किया। यह करीब 18 घंटे तक जारी रहा। जाम के कारण बड़े वाहनों के साथ छोटे वाहन भी फंसे रहे। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सड़क पर कम से कम दिन में तीन बार पानी का छिड़काव किया जाए। जिससे धूल पर नियंत्रण रखा जा सके। रविवार दोपहर बाद आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने जाम हटाया। हालांकि, अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि उनकी मांग के अनुरूप नियमित पानी का छिड़काव शुरू होता है या नहीं।
उड़ती धूल से परेशान ग्रामीणों ने दिन में तीन बार पानी छिड़काव के लिए 18 घंटे तक सड़क को किया जाम
