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भागलपुर के एएनएम छात्रावास में छात्राओं को पानी की बुनियादी सुविधा के लिए जूझना पड़ रहा है। पिछले 8 महीने से चली आ रही पानी की समस्या अब गंभीर हो गई है। पिछले 6 दिनों से हालात इतने खराब हो गए कि छात्राओं का सब्र टूट गया। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्राएं जिलाधिकारी डॉ. अलंक्रिता पांडे के कार्यालय पहुंचीं और उन्हें अपनी परेशानी बताई। छात्राओं ने डीएम को बताया कि छात्रावास में पानी की समस्या 8 महीने से बनी हुई है। हालांकि, पिछले 6 दिनों में स्थिति बहुत गंभीर हो गई है। पीने, नहाने और दूसरे रोजमर्रा के कामों के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। छात्राओं का कहना था कि पानी की कमी का असर उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने वार्डन को समस्या बताई, तो उन्हें अपने पैसे से पानी खरीदने की सलाह दी गई, बजाय इसके कि कोई समाधान दिया जाए। डीएम ने आश्वासन दिया लगातार परेशानी से नाराज छात्राओं ने सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई। छात्राओं ने पीने के पानी के साथ-साथ छात्रावास में दूसरी जरूरी सुविधाओं की कमी भी जिलाधिकारी को बताई। जिलाधिकारी डॉ. अलंक्रिता पांडे ने छात्राओं की समस्याओं को ध्यान से सुना। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने का भरोसा दिया। डीएम ने 24 घंटे के अंदर पीने के पानी की व्यवस्था ठीक कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा, नहाने और दूसरी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी पानी की समस्या और बाकी सुविधाओं को भी 48 घंटे के अंदर ठीक कराने का भरोसा दिया गया। आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन खत्म
जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद छात्राओं ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और वापस छात्रावास लौट गईं। अब छात्राओं की नजर प्रशासन के आश्वासन पर है। लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहीं एएनएम छात्राओं को उम्मीद है कि इस बार महज आश्वासन नहीं, बल्कि 24 घंटे में पानी की और 48 घंटे में मूलभूत सुविधाओं की बहाली होगी।
एएनएम छात्रावास में 8 महीने से पानी की किल्लत:6 दिन से बूंद-बूंद को तरसीं छात्राएं, डीएम ने 24 घंटे में पानी का भरोसा दिया
