Friday, May 29, 2026

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एचईसी में क्षमता का मात्र 20% काम, इस साल 14 इंजीनियरों ने छोड़ी नौकरी


जनवरी, 2026 से लेकर अब तक हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन यानी एचईसी के 14 इंजीनियर नौकरी छोड़कर दूसरी कंपनियों में शिफ्ट हो चुके हैं। संस्थान में लगातार बढ़ती अनिश्चितता और वेतन बकाया रहने के कारण तकनीकी कर्मचारियों का पलायन जारी है। इन दिनों एचईसी की स्थिति खराब बनी हुई है। कंपनी को इस वित्तीय वर्ष में अब तक बीसीसीएल से सिर्फ तीन करोड़ रुपए का वर्कऑर्डर मिला है। पुराने कार्यादेशों के कुछ छिटपुट काम ही चल रहे हैं। एचईसी की मौजूदा हालत को देखते हुए कई कंपनियां नए कार्यादेश जारी करने से बच रही हैं। अधिकारियों और मजदूरों का करीब 29 महीने का वेतन अब भी बकाया है। एचईसी के तीनों प्लांट में क्षमता का 25% काम भी नहीं हो पा रहा है, जिससे इसके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रबंधन ने बताया कि मई में केंद्रीय संसदीय टीम के एचईसी दौरे पर आने वाली थी, लेकिन अब अगले महीने आ सकती है। ऐसे में अभी केंद्र से भी एचईसी को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। हालांकि प्रबंधन का कहना है कि एचईसी अपनी क्षमता से काम कर रही है। जल्द ही इसकी स्थिति बेहतर होगी। इधर, सरकार के संबंध पोर्टल की क्लोजर लिस्ट में एचईसी नहीं एचईसी की हालत को लेकर एक तरफ चिंता है तो दूसरी तरफ उम्मीद भी बनी हुई है। एमएसएमई संबंध पोर्टल sambandh.msme.gov.in की हालिया जानकारी के अनुसार, एचईसी उन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में शामिल है, जो अभी सक्रिय हैं और इसे फिलहाल बंद होने वाली सूची में नहीं रखा गया है। पोर्टल पर करीब 26 ऐसे सरकारी उपक्रमों का जिक्र है, जो या तो बंद हो चुके हैं या बंद होने की प्रक्रिया में हैं। सरकार ने एचईसी को बंद करने की सूची में नहीं रखा है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार इसके सुधार और पुनरुद्धार पर विचार कर रही है। अभी भी 450 करोड़ के वर्कऑर्डर, पर पूंजी नहीं हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और केंद्र सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। बताया कि एचईसी के पास अभी भी करीब 450 करोड़ रुपए के वर्कऑर्डर हैं। ये ऑर्डर नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, बीसीसीएल, भेल, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन समेत अन्य संस्थानों से मिले हैं। फिलहाल एचईसी अपनी क्षमता का मात्र 20- 25 प्रतिशत काम कर पा रहा है। कार्यशील पूंजी मिले तो संस्थान फिर से पूरी क्षमता के साथ काम करने लगेगा। इसरो ने 30 करोड़ का ऑर्डर रद्द किया : संघ एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रामाशंकर प्रसाद ने कहा कि एचईसी कर्मी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। एफएफपी, एचएमबीपी और एचएमटीपी तीनों प्लांट्स में उत्पादन 20 प्रतिशत भी नहीं हो रहा है। जनवरी से लेकर अब तक 14 इंजीनियरों ने एचईसी छोड़ दी है। वर्कऑर्डर भी कैंसिल हो रहे हैं। काम समय पर नहीं पूरा करने के कारण इसरो ने भी करीब 30 करोड़ रुपए का लॉन्चिंग पैड बनाने का कार्यादेश रद्द कर दिया है। कई मजदूर आज भी अपने कर्ज चुकाने के लिए ऑटो चलाने, ठेला में चाय बेचने, डिलिवरी ब्वॉय बनने को मजबूर हैं। एक माह का वेतन मिला, लोन ईएमआई भी जमा होगा हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन के कर्मियों को बुधवार को एक माह के वेतन का भुगतान किया गया। इससे कर्मचारियों को कुछ राहत मिली है। हालांकि लंबे समय से बकाया वेतन को लेकर स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। विमल महली ने बताया कि इस बार कंपनी उन कर्मचारियों का ईएमआई भी चुकाएगी, जिन्होंने एचईसी के माध्यम से पर्सनल लोन लिया है। इससे कर्मियों पर वित्तीय दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है, लेकिन पूर्ण समाधान को लेकर कर्मचारी अब भी प्रबंधन और सरकार से ठोस कदम की मांग कर रहे हैं।

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