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औरंगाबाद में NH-19 पर शुक्रवार रात तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 2 दोस्तों की मौत हो गई, जबकि तीसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना नगर थाना क्षेत्र के कामा बिगहा पुल के पास की है। जानकारी के अनुसार शाहपुर अखाड़ा के पास रहने वाले तीन दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर दूध लेने जा रहे थे। गाड़ी रॉन्ग साइड में थी, इस दौरान रफ्तार अज्ञात ट्रक ने रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर दूर जा गिरे। आसपास के लोगों ने तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर हालत में एक युवक गयाजी रेफर डॉक्टरों ने पड़रिया निवासी रामजनम यादव के पुत्र अभय कुमार(17) और शाहपुर अखाड़ा के लकी कुमार(17) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीसरा युवक पोखरा मोहल्ले का रहने वाला है। गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर गयाजी रेफर किया गया है। सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अस्पताल में मचा हंगामा, व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे की खबर मिलते ही सदर अस्पताल में मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। आरोप था कि गंभीर मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें रेफर कर दिया जाता है, जिससे कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। लोगों ने अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। छानबीन में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। धक्का मार कर भागने वाले वाहन का पता लगाया जा रहा है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। घर में मचा कोहराम मृतक अभय का परिवार कई वर्षों से शाहपुर अखाड़ा स्थित किराए के मकान में रह रहा है। उसके पिता रामजनम यादव पहले ओडिशा में प्राइवेट जॉब करते थे। पिछले कुछ महीनों से औरंगाबाद में ही रह रहे थे। फिलहाल वे किसी जरूरी कार्य से उज्जैन गए हुए हैं। अभय अपने भाइयों में सबसे छोटा था। लकी कुमार का मूल घर गयाजी के सिकरिया गांव में है। उसका परिवार भी कई वर्षों से औरंगाबाद के शहीद नगर में किराए के मकान में रह रहा है। उसके पिता प्रेम सोनी मोहल्ले में ही आभूषण की दुकान चलाते हैं। मौत के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
