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कटिहार नगर निगम में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने इस मामले में अपनी जांच रिपोर्ट नगर विकास एवं आवास विभाग को भेज दी है। अब विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि नगर निगम के विरुद्ध कई बिंदुओं पर अनियमितता के आरोप लगाते हुए विभाग को एक आवेदन प्राप्त हुआ था। नगर विकास विभाग के निर्देश पर जिला स्तर पर मामले की जांच कराई गई। उन्होंने पुष्टि की कि जांच प्रतिवेदन विभाग को समर्पित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि अब आगे की कार्रवाई नगर विकास विभाग के निर्देशानुसार की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, जांच में नगर निगम में कर्मियों की बहाली सहित अन्य प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों से जुड़े आरोपों की समीक्षा की गई है। हालांकि, जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों और विभाग द्वारा की जाने वाली संभावित कार्रवाई को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह उल्लेखनीय है कि कटिहार नगर निगम की महापौर उषा देवी अग्रवाल, उप महापौर मंजूर खान और तत्कालीन सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों पर भ्रष्टाचार तथा अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर विभागीय जांच की प्रक्रिया चल रही है। अब नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट का परीक्षण किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

