मुख्य बातें:
कटिहार से राज किशोर चौरसिया की रिपोर्ट
Muharram Procession: कटिहार जिले में शुक्रवार को मुहर्रम का पावन पर्व पूरी अकीदत, शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया. इमाम हुसैन की शहादत की याद में शहर के विभिन्न अखाड़ों की ओर से भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने शिरकत की. इस बार कटिहार का मुहर्रम जुलूस न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि शहर में सांप्रदायिक सौहार्द, गंगा-जमुनी तहजीब और देश के संविधान के प्रति सम्मान की एक ऐसी अनूठी मिसाल पेश कर गया, जिसकी चर्चा पूरे सूबे में हो रही है.
अड़गड़ा चौक पर सजे अखाड़े में उमड़े दिग्गज, कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

- पारंपरिक युद्ध कला का प्रदर्शन: अड़गड़ा चौक पर आयोजित मुख्य अखाड़े में विभिन्न कमेटियों के लाठीबाजों और जांबाज कलाकारों ने हिस्सा लिया. कलाकारों ने लाठी-भाला, तलवारबाजी और पारंपरिक मार्शल आर्ट का ऐसा हैरतअंगेज प्रदर्शन किया कि देखने वाले लोग दंग रह गए.
- अतिथियों की मौजूदगी: इस ऐतिहासिक अखाड़े का हौसला बढ़ाने के लिए कटिहार के सांसद तारिक अनवर, मेयर (महापौर) उषा देवी अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि सुनील यादव सहित मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष और सचिव मुख्य रूप से मौजूद रहे. अतिथियों ने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए मुहर्रम कमेटियों को बधाई दी.
ताजिया में दिखा ‘मेरा भारत महान’ और भारतीय संविधान का स्वरूप

इस वर्ष गर्ल्स स्कूल रोड से निकाले गए ताजिया ने हर वर्ग के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. इस बार ताजिया को पूरी तरह राष्ट्रीय भावना के रंग में रंगा गया था. ताजिया के ऊपर ‘मेरा भारत महान’ के नारे के साथ भारत के नक्शे के बीचों-बीच भारतीय संविधान की एक सुंदर छवि और राष्ट्रध्वज तिरंगे को प्रदर्शित किया गया था. जुलूस में शामिल युवाओं ने कहा कि इस्लाम और मुहर्रम का असली पैगाम इंसानियत, न्याय और भाईचारा है, और देश का संविधान हमें इसी एकता के सूत्र में बांधता है.
रानी सती मंदिर के सामने बनी मानव श्रृंखला; हर तरफ हुई सराहना

मुहर्रम जुलूस के दौरान कटिहार की धरती से देश को कौमी एकता का सबसे बड़ा संदेश तब मिला, जब जुलूस शहर के व्यस्ततम दौलत राम चौक स्थित ऐतिहासिक रानी सती मंदिर के समीप पहुंचा. जैसे ही अखाड़े की भीड़ और ताजिया मंदिर मार्ग से गुजरने लगा, मुस्लिम समुदाय के दर्जनों जिम्मेदार नौजवानों ने तुरंत आगे आकर रानी सती मंदिर के मुख्य द्वार के सामने एक मजबूत मानव श्रृंखला (Human Chain) बना दी. युवाओं का उद्देश्य जुलूस की भीड़ को अनुशासित रखना, मंदिर परिसर को सुरक्षित रखना और वहां से गुजरने वाले किसी भी आम राहगीर या श्रद्धालु को असुविधा न होने देना था.
Muharram Procession: चाक-चौबंद रही प्रशासनिक सुरक्षा, ड्रोन से रखी गई नजर
ढोल-ताशे की गूंज और ‘या हुसैन’ के नारों के बीच निकले इस जुलूस में बच्चे, बूढ़े और नौजवानों का हुजूम उमड़ पड़ा. पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जगह-जगह दंडाधिकारियों (Magistrates) के साथ भारी संख्या में पुलिस बल और त्वरित कार्य बल के जवानों को तैनात किया गया था. संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार डिजिटल निगरानी की जा रही थी. शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मुहर्रम संपन्न होने पर सेंट्रल मुहर्रम कमेटी ने जिला व पुलिस प्रशासन सहित कटिहार की जनता का आभार व्यक्त किया है.
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