कटिहार में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने सोमवार को राजेंद्र स्टेडियम में बन रहे अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से 4.79 एकड़ भूमि पर यह कॉम्प्लेक्स तैयार हो रहा है। इस दौरान बिहार राज्य भवन निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक, महाप्रबंधक और अन्य अभियंता भी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री ने प्रशासनिक भवन, बहुउद्देशीय प्रशाल (हॉल), खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। तारकिशोर प्रसाद ने बताया कि यह बहुउद्देशीय प्रशाल जिले के खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा होगी। इसमें एक साथ 17 प्रकार के इनडोर खेलों का आयोजन किया जा सकेगा। टेबल टेनिस के पांच कोर्ट बनाए जा रहे
हॉल के भूतल पर चार बैडमिंटन कोर्ट और प्रथम तल पर टेबल टेनिस के पांच कोर्ट बनाए जा रहे हैं। खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए योग एवं ध्यान कक्ष का निर्माण भी इसी प्रशाल में किया जा रहा है। निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन में 30-30 खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण कक्ष बनाए जा रहे हैं। इसमें एक आधुनिक चिकित्सा कक्ष, जिला खेल पदाधिकारी का कार्यालय और एक सभा कक्ष भी शामिल होगा। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए सुसज्जित स्नानागार और शौचालय का निर्माण भी प्रगति पर है। खेल मैदान को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कटिहार और सीमांचल क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव में उन्हें आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाता था। इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएँ यहीं मिल सकेंगी। उन्होंने निगम के अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और इसे निर्धारित समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। ये रहे मौजूद
इस अवसर पर पूर्व उप मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के खेल प्रकोष्ठ के सह-संयोजक बबन झा, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री वीरेंद्र यादव, गजेंद्र नाथ पाठक, अमित गुप्ता उर्फ बबलू सहित निगम के कई अभियंता एवं स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित थे। गौरतलब है कि कटिहार में इस स्तर का पहला स्पोर्ट्स कंपलेक्स बन रहा है। इसके पूरा होने से जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवा खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकेंगे। निर्माण कार्य 2027 की शुरुआत तक पूर्ण होने की संभावना है।

